Stock Market Outlook : मंगलवार, 12 मई को IT,रियल्टी,कंज्यूमर ड्यूरेबल और फाइनेंशियल शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली के चलते Sensex और Nifty भारी गिरावट के साथ बंद हुए। इसके अलावा,कमजोर ब्रॉडर मार्केट और लगातार बनी वोलैटिलिटी ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर भारी दबाव डाला। बाजार बंद होने पर, Sensex 1,456.04 अंक या 1.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,559.24 पर और Nifty 436.30 अंक या 1.83 प्रतिशत गिरकर 23,379.55 पर सेटल हुआ।
आज मार्केट ब्रेथ बेहद कमजोर रही, जहां 875 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 3,219 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी और IT शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ,जबकि Nifty Smallcap 100 इंडेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। India VIX भी 19 के स्तर से ऊपर बना रहा,जो बाजार में बढ़ी हुई वोलैटिलिटी को दर्शाता है। मंगलवार को ही निवेशकों को ₹10 लाख करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हुआ,क्योंकि 11 मई को BSE में लिस्टेड कंपनियों का m-cap ₹467.3 लाख करोड़ था।
मंगलवार को NSE के सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। डिफेंस, रियल्टी और IT स्टॉक्स बाज़ार के सबसे ज़्यादा प्रभावित सेक्टर्स में शामिल रहे। बेंचमार्क इंडेक्स पर बिकवाली का दायरा व्यापक रहा,जिसमें निफ्टी के 47 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। श्रीराम फाइनेंस,टेक महिंद्रा और अडानी पोर्ट्स सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।
बैंकिंग और ब्रॉडर मार्केट के शेयर दबाव में रहे। निफ्टी बैंक इंडेक्स 885 अंक गिरकर 53,555 पर आ गया,जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,554 अंक गिरकर 59,705 पर पहुंच गया। ब्रॉडर मार्केट में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। इससे निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.54 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 3.17 प्रतिशत गिर गया। वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX 3.77 प्रतिशत बढ़कर 19.25 पर पहुंच गया।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की तरफ से की गई 'खर्च में कटौती'की अपील का असर उन सेक्टर्स के शेयरों पर पड़ा है जिनके उपभोग में कमी आने से निगेटिव असर पड़ने की उम्मीद है। कल ज्वेलरी,ट्रैवल और होटल जैसे सेक्टर्स के शेयरों को भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। अगर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिरती हैं तो खर्च में कटौती का यह पैकेज बेमानी हो जाएगा। ऐसे में ये सेक्टर्स ज़ोरदार वापसी करेंगे।
LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि Nifty अपने हालिया कंसोलिडेशन रेंज से और नीचे गिर गया है,जो इसके ट्रेंड में बढ़ती कमजोरी का संकेत है। RSI अभी भी बेयरिश क्रॉसओवर में बना हुआ है और नीचे की ओर जा रहा है। यह लगातार बने निगेटिव मूवमेंट का संकेत है। कुल मिलाकर,बाजार का रुख बेहद बेयरिश नजर आ रहा है। इसके चलते निफ्टी नियर टर्म में 23,200–23,150 के स्तर तक गिर सकता है। फिर यहां से एक अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है। ऊपरी तरफ,23600 पर रेजिस्टेंस है,जिसके ऊपर जाने पर बाजार का रुख बेहतर हो सकता है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि 23,530–23,550 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। जब तक निफ्टी 23,550 के स्तर से नीचे बना रहेगा तब तक मौजूदा गिरावट का रुख जारी रहने की संभावना है। इससे इंडेक्स नीचे की ओर 23,200 के स्तर तक जा सकता है और आगे और गिरावट आने पर यह 23,050 के स्तर तक भी गिर सकता है।
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