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मार्केट में रिकवरी जल्द आती है, लेकिन इनवेस्टर का कॉन्फिडेंस लौटने में समय लगता है

फंड्सइंडिया के नए लॉन्ग टर्म मार्केट ड्राडाउन और रिकवरी डेटा के एनालिसिस से दिलचस्प जानकारियां मिली हैं। इसके मुताबिक, 30-40 फीसदी गिरावट के बाद मार्केट को रिकवर करने में सिर्फ 2-3 साल का समय लगता है। इसके मुकाबले इनवेस्टर्स का आत्मविश्वास सुस्त रफ्तार से वापस आता है

Market Deskअपडेटेड Dec 16, 2025 पर 9:58 PM
मार्केट में रिकवरी जल्द आती है, लेकिन इनवेस्टर का कॉन्फिडेंस लौटने में समय लगता है
मार्केट में रिकवरी जल्द आती है, क्योंकि उसमें अर्निंग्स, लिक्विडिटी और भविष्य को लेकर उम्मीदों का हाथ होता है।

मार्केट में रिकवरी में ज्यादा समय नहीं लगता है। इतिहास बताता है कि 30-40 फीसदी गिरावट के बाद मार्केट को रिकवर करने में सिर्फ 2-3 साल का समय लगता है। इसके मुकाबले इनवेस्टर्स का आत्मविश्वास सुस्त रफ्तार से वापस आता है। फंड्स इंडिया के नए लॉन्ग टर्म मार्केट ड्राडाउन और रिकवरी डेटा के मनीकंट्रोल के एनालिसिस से यह जानकारी मिली है।

इनवेस्टर्स रिकवरी के बाद भी सावधानी बरतना जारी रखते हैं

एनालिसिस से पता चलता है कि उतार-चढ़ाव खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में बार-बार देखने को मिला है, लेकिन लंबी अवधि में इसका निगेटिव असर शायद ही पड़ता है। लेकिन, इनवेस्टर्स रिकवरी के बाद भी सावधानी बरतना जारी रखते हैं। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट के एमडी निलेश शाह ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा, "मार्केट में रिकवरी जल्द आती है, क्योंकि उसमें अर्निंग्स, लिक्विडिटी और भविष्य को लेकर उम्मीदों का हाथ होता है।"

इनवेस्टर्स रिकवरी कनफर्म होने तक इंतजार करते हैं

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