शेयर बाजारों में 4 मार्च को बहुत बड़ी गिरावट आई। बाजार के प्रमुख सूचकांक दबाव के साथ खुले। 12 बजे तक बाजार में खास रिकवरी नहीं दिखी। निफ्टी 504 प्वाइंट्स यानी 2.04 फीसदी गिरकर 24,365 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1,558 प्वाइंट्स गिरकर 78,672 प्वाइंट्स पर था। बैंक निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दिखी। यह 2.19 फीसदी यानी 1,310 प्वाइंट्स गिरकर 58,521 पर चल रहा था। खास बात यह है कि छोटे बड़े सभी शेयरों में बड़ी बिकवाली दिखी।
इजरायल-अमेरिका और ईरान की लड़ाई ने बढ़ाया दबाव
भारतीय बाजार पहले से दबाव में थे। फरवरी में आईटी शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले और फिर ईरान के जवाबी हमले ने बाजार पर दबाव और बढ़ा दिया। इसके चलते बीते एक हफ्ते में बाजार के प्रमुख सूचकांक करीब 5 फीसदी तक गिर चुके है। इससे निवेशकों में डर है। उन्हें बाजार में और गिरावट का डर सता रहा है। मध्यपूर्व की लड़ाई 4 फरवरी को पांचवें दिन प्रवेश कर गई। अभी कोई पक्ष झुकने को तैयार नहीं है।
इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में टाटा स्टील, एलएंडटी, गेल (इंडिया), जिंदल स्टील, बैंक ऑफ बड़ौदा, सीमेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील, हिंदुस्तान जिंक, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस शामिल थे। Tata Steel 6.78 फीसदी टूटा। L&T 6.26 फीसदी टूटा, GAIL 5.69 फीसदी टूटा, Bank of Baroda में 5.14 फीसदी की गिरावट आई। ये सभी ऐसी कंपनियां हैं, जिनके फंडामेंटल्स स्ट्रॉन्ग हैं। इनमें से कई मार्केट लीडर्स हैं।
शेयर बाजार में अभी निवेश में काफी ज्यादा रिस्क
सवाल है कि क्या दिग्गज शेयरों को सस्ते भाव पर खरीदने का यह सही मौका है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी बाजार का सेंटिमेंट काफी कमजोर है। मध्यपूर्व की लड़ाई का असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। अभी इस लड़ाई के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। फिलहाल इसके नरम पड़ने के संकेत नहीं मिल रहे। इसका मतलब है कि शेयर बाजार पर फिलहाल दबाव बना रह सकता है। दोनों पक्षों के बीच सुलह होने या सुलह की बातचीत शुरू होने पर ही बाजार में रिकवरी दिखेगी।
फिलहाल बाजार पर दबाव जारी रहने के आसार
अभी बाजार में गिरावट जारी रहगी या नहीं, यह मध्यपूर्व के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। ऐसे में अगर इनवेस्टर्स सस्ते भाव में शेयर खरीदना चाहते हैं तो वह सिर्फ क्वालिटी स्टॉक्स में निवेश के बारे में सोच सकते हैं। हालांकि, अभी निवेश सिर्फ उन निवेशकों को करना चाहिए, जो ज्यादा रिस्क ले सकते हैं। जो इनवेस्टर्स रिस्क नहीं ले सकते, उन्हें बाजार से फिलहाल दूर रहना चाहिए। इसकी वजह यह है कि अभी बाजार की आगे की दिशा के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है।
म्यूचुअल फंड्स में सिप से निवेश पर नहीं लगाए ब्रेक
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को घबराहट में अपना सिप बंद नहीं करना चाहिए। सिप के निवेशकों के लिए यह सस्ते भाव पर यूनिट्स पाने का अच्छा मौका है। लड़ाई थमने पर जब बाजार में तेजी आएगी, तब उन निवेशकों को बड़ा फायदा होगा, जो बाजार में टिके रहेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोई लड़ाई हमेशा जारी नहीं रहती है। यह लड़ाई भी जब थमेगी तो मार्केट में तेज रिकवरी आएगी। जो निवेशक अपना पैसा निकाल लेंगे, वे इस रिकवरी का फायदा उठाने से चूक जाएंगे।
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