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Tata Steel को ₹1755 करोड़ का नोटिस, 25 साल पुराने केस में लगा झटका, ये है मामला

Tata Steel Shares: टाटा स्टील को एक पुराने मामले में ₹1755 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है। टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी को यह नोटिस वित्त वर्ष 2001 से वित्त वर्ष 2007 तक के एक मामले में मिला है। जानिए इतने पुराने मामले में टाटा स्टील को नोटिस क्यों मिला है और कंपनी का इसे लेकर क्या कहना है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Apr 05, 2026 पर 4:08 PM
Tata Steel को ₹1755 करोड़ का नोटिस, 25 साल पुराने केस में लगा झटका, ये है मामला
Tata Steel को वेस्ट बोकारो कोलियरी में अतिरिक्त कोयला निकाने के आरोप में ₹1755 करोड़ का नोटिस मिला है।

Tata Steel Shares: टाटा ग्रुप की स्टील कंपनी टाटा स्टील को ₹1755.10 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है। यह मामला वित्त वर्ष 2001 से वित्त वर्ष 2007 के बीच का है। कंपनी को यह नोटिस झारखंड के रामगढ़ में डिस्ट्रिक्ट माइनिंग ऑफिस से 30 मार्च की तारीख में मिला है। हालांकि इसकी जानकारी कंपनी ने 4 अप्रैल को दी और अब इसका असर सोमवार 6 अप्रैल को स्टॉक मार्केट खुलने पर इसके शेयरों पर भी दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले गुरुवार 2 अप्रैल को बीएसई पर 0.33% की गिरावट के साथ ₹194.05 (Tata Steel Share Price) पर बंद हुआ था।

Tata Steel को क्यों मिला ₹1755 करोड़ का नोटिस?

टाटा स्टील को वेस्ट बोकारो कोलियरी में अतिरिक्त कोयला निकाने के आरोप में करोड़ों का नोटिस मिला है। कंपनी पर आरोप है कि वित्त वर्ष 2001 से वित्त वर्ष 2007 के बीच इसने मंजूरी की हुई सीमा से अधिक करीब 1,62,40,399 टन खनिज कोयले का खनन किया। यह डिमांड नोटिस अवैध माइनिंग और अधिक प्रोडक्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले (रिट पेटिशन नं 114, 2014) में बताए गए आधारों के समान कारणों पर जारी किया गया है। टाटा स्टील से अतिरिक्त उत्पादन के आरोपों में कुल ₹1,755,10,54,029 की मांग की गई है। अब इसे लेकर कंपनी का कहना है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगी।

एक साल में कैसी रही टाटा स्टील के शेयरों की चाल?

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