घरेलू इक्विटी मार्केट ने 8 अगस्त को मजबूत नोट पर हफ्ते की शुरुआत की। निफ्टी शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाकी के सत्र के लिए मजबूत रहा। इसके बाद लगभग चार महीने के उच्च स्तर को प्राप्त करते हुए 17,500 के पार बंद हुआ।

घरेलू इक्विटी मार्केट ने 8 अगस्त को मजबूत नोट पर हफ्ते की शुरुआत की। निफ्टी शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद बाकी के सत्र के लिए मजबूत रहा। इसके बाद लगभग चार महीने के उच्च स्तर को प्राप्त करते हुए 17,500 के पार बंद हुआ।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडेक्स ने दैनिक चार्ट्स पर एक बुलिश कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया। Doji formation के एक सत्र के बाद इंडेक्स में ऐसा देखने को मिला। इसलिए आने वाले सत्रों में निफ्टी 17,800 की ओर बढ़ता हुआ दिख रहा है। ट्रेडर्स सोमवार के निचले स्तर 17,359 पर स्टॉप-लॉस के साथ इसमें लॉन्ग पोजीशन बना सकते हैं।
बाजार शुरुआती स्तरों से ऊपर बंद होने से इसमें बुलिश कैंडल बना है। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस, ऑटो और मेटल स्टॉक की वजह से सोमवार के सत्र में तेजी देखने को मिली।
पिछले सत्र में मिले-जुले कारोबार के बाद ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी आई। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी चढ़े। हालांकि तेजी बहुत मजबूत नहीं रही क्योंकि एनएसई पर 876 गिरते शेयरों के मुकाबले लगभग 1,090 शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
निफ्टी 50 हरे निशान में 17,401 के स्तर पर खुला लेकिन जल्द ही दिन के निचले स्तर 17,360 पर पहुंच गया। हालांकि इसने तुरंत रिबाउंड किया और धीरे-धीरे बढ़त बढ़ाकर 17,500 को पार कर 17,534 के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गया। इंडेक्स 128 अंक बढ़कर 17,525 पर पहुंच गया। ये स्तर 12 अप्रैल के बाद का उच्चतम समापन स्तर है।
Chartviewindia के मजहर मोहम्मद ने कहा "यद्यपि बुल्स इंडेक्स को मजबूती प्रदान कर रहे हैं, लेकिन उच्च अपसाइड मौजूदा स्तरों से सीमित प्रतीत हो रहे हैं क्योंकि मध्यम अवधि के चार्ट पर कुछ ऑसिलेटर ओवरबॉट स्तर प्रदर्शित कर रहे हैं। हालांकि सोमवार की चाल के बाद, प्राइस चार्ट बहुत मजबूत दिख रहा है। जब तक कि इंडेक्स 17,359 के स्तर से नीचे नहीं फिसल जाता है, तब तक कमजोरी आने की संभावना नहीं है।
यदि सूचकांक 17,359 के स्तर से ऊपर रहता है तो यह 17,800 - 17,900 जोन की ओर बढ़ सकता है। वहां पर कठिन रेजिस्टेंस की उम्मीद की जा सकती है।
इसलिए मजहर मोहम्मद ने कहा कि लॉन्ग साइड ट्रेडर्स को 17,359 स्तरों से नीचे स्टॉप-लॉस लगाकर 17,800 स्तरों के लक्ष्य के लिए पोजीशन लेनी चाहिए। जबकि इंडेक्स में शॉर्टिंग के अवसर केवल 17,350 के स्तर से नीचे जाने पर ही मिल सकेंगे।
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