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AI में मौकों की कमी नहीं, इसमें पहले से कहीं ज्यादा बड़े मौके मौजूद : नंदन निलेकणी

नंदन निलेकणी ने कहा कि हालांकि AI इन्वेस्टमेंट तेज़ी से बढ़ रहे हैं,लेकिन इसकी सफलता लीडरशिप,मैनेजमेंट और बड़े पैमाने पर एग्ज़िक्यूशन करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। रिस्क AI के मौकों में नहीं,इसके एग्जिक्यूशन में है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Feb 17, 2026 पर 1:57 PM
AI में मौकों की कमी नहीं, इसमें पहले से कहीं ज्यादा बड़े मौके मौजूद : नंदन निलेकणी
नीलेकणी के अनुसार,दशकों पुरानी टेक्नोलॉजीअब AI अपनाने में एक बड़ी रुकावट बन गई है। पुराने सिस्टम का मॉडर्नाइज़ेशन अब और नहीं टाला जा सकता

एडवांस AI के लिए एंथ्रोपिक (ANTHROPIC) से करार और मैनेजमेंट के AI पर पॉजिटिव कमेंट्स के बाद इंफोसिस का शेयर जोर से भागा है। आज ये शेयर 4 फीसदी से ज्यादा चढ़कर वायदा का टॉप गेनर बना है। वहीं 4 दिनों की बिकवाली के बाद आज पूरे IT सेक्टर में रौनक दिख रही है। निफ्टी का आईटी इंडेक्स दो परसेंट से ज्यादा चढा है। दूसरे IT शेयरों में HCL TECH और टाटा एलेक्सी दो से चार परसेंट दौड़े हैं। इस बीच इंफोसिस के बोर्ड चेयरमैन नंदन निलेकणी का बड़ा बयान आया है। उनका मानना है कि AI में मौकों की कमी नहीं है। AI में पहले से कहीं ज्यादा बड़े मौके मौजूद हैं। रिस्क AI के मौकों में नहीं,इसके एग्जिक्यूशन में है।

एग्ज़िक्यूशन से ही तय होंगे विजेता

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि AI इन्वेस्टमेंट तेज़ी से बढ़ रहे हैं,लेकिन इसकी सफलता लीडरशिप,मैनेजमेंट और बड़े पैमाने पर एग्ज़िक्यूशन करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। रिस्क AI के मौकों में नहीं,इसके एग्जिक्यूशन में है। जो कंपनियां रीसेट कर सकती हैं,पुराने सिस्टम को मॉडर्न बना सकती हैं और अपने काम करने के तरीके में बदलाव कर सकती हैं,वे AI में हुई तरक्की को प्रोडक्टिविटी और रेवेन्यू में बेहतर तरीके से बदल पाएंगी।

सिक्योरिटी और एग्ज़िक्यूशन रिस्क बढ़े

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