आगे फाइनेंशियल सेक्टर के लिए होंगी बड़ी चुनौतियां, कमर्शियल व्हीकल में दिखेगी और तेजी

इक्विटी रिसर्च और असेट मैनेजमेंट का 17 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अतुल भोले का कहना है कि कमर्शियल व्हीकल स्पेस से संबंधित ई-वे बिल, टोल कलेक्शन, आईआईपी ग्रोथ और इंफ्रा गतिविधि जैसे मैक्रो इंडीकेटर्स में मजबूती बनी रहेगी। जिससे कमर्शियल व्हीकल सेक्टर का फ्रेट यूटिलाइजेशन लेवल हाई लेवल पर बना रहेगा। इस विश्लेषण के आधार पर ऐसा लगता है कि कमर्शियल व्हीकल साइकिल में अभी और तेजी आने की संभावना बनी हुई है

अपडेटेड May 17, 2023 पर 7:19 PM
Story continues below Advertisement
कंज्यूमर स्टेपल्स कंपनियों में अब तक काफी टाइम करेक्शन आ चुका है। ऐसे में अब इनमें धीरे- धीरे निवेश शुरू किया जा सकता है

DSP म्यूचुअल फंड के अतुल भोले ने मनीकंट्रोल के साथ हुई बातचीत में कहा है कि इंश्योरेंस सहित फाइनेंशियल शेयरों ने अब तक सबसे बेहतर वित्तीय प्रदर्शन किया है। वर्तमान में इनकी स्थिति काफी अच्छी नजर आ रही है। लेकिन इस बातचीत में उन्होंने ये भी कहा कि फाइनेंशियल सेक्टर के लिए स्थितियां जल्द ही चुनौतीपूर्ण होना शुरू हो जाएंगी। ऐसे में मजबूत खिलाड़ी ही अपने को संभाल पाने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि कुछ चुनिंदा बैंक और एनबीएफसी की डिपॉजिट, लेंडिंग फ्रेंचाइजी और कारोबारी स्थिति मजबूत है। यही आगे चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम रहेंगे।

कमर्शियल व्हीकल साइकिल में अभी और तेजी आने की संभावना

इक्विटी रिसर्च और असेट मैनेजमेंट का 17 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अतुल भोले का कहना है कि कमर्शियल व्हीकल स्पेस से संबंधित ई-वे बिल, टोल कलेक्शन, आईआईपी ग्रोथ और इंफ्रा गतिविधि जैसे मैक्रो इंडीकेटर्स में मजबूती बनी रहेगी। जिससे कमर्शियल व्हीकल सेक्टर का फ्रेट यूटिलाइजेशन लेवल हाई लेवल पर बना रहेगा। इस विश्लेषण के आधार पर ऐसा लगता है कि कमर्शियल व्हीकल साइकिल में अभी और तेजी आने की संभावना बनी हुई है।


इस फंड मैनेजर को पसंद हैं SRF, SKF और PI इंडस्ट्रीज के स्टॉक, जानिए क्या है वजह

कंज्यूमर स्टेपल्स कंपनियों में निवेश की करें शुरुआत

खपत से जुड़े सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि गैर जरूरी खपत वाले शेयरों में पिछले 2 साल में काफी अच्छी तेजी आ चुकी है। देश में संपन्नता बढ़ी है। ऐसे में संपन्न लोग घरों, यात्राओं ज्वैलरी और परिधान पर खूब जमकर खर्च करते नजर आए हैं। लेकिन अब इस सेक्टर में बढ़ती महंगाई के चलते मांग पर कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। इसी तरह ग्रामीण और शहरी कम आय वर्ग के लोगों की कमाई कम होने और महंगाई बढ़ने के चलते कंज्यूमर स्टेपल्स की डिमांड भी कमजोर रही है। लोगों की परचेजिंग पावर कम हुई है। जिसके चलते कंज्यूमर स्टेपल पर दबाव देखने को मिला है।

लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में वेतन में नीचे से सुधार आता दिख रहा है। इसके साथ ही इंफ्रा स्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में बढ़ते खर्च के कारण श्रमिकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही कच्चे माल की कीमतों में भी कमी आई है। जिससे धीरे धीरे स्थितियों में सुधार आने की उम्मीद है। कंज्यूमर स्टेपल्स कंपनियों में अब तक काफी टाइम करेक्शन आ चुका है। ऐसे में अब इनमें धीरे- धीरे निवेश शुरू किया जा सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।