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मुश्किल दौर में भी देश की टॉप 10 IT कंपनियों ने बांट दिया रिकॉर्ड तोड़ डिविडेंड, ₹1 लाख करोड़ को क्रॉस कर ​गया आंकड़ा

TCS और Coforge ऐसी दो कंपनियां रहीं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2026 के दौरान कम डिविडेंड दिया। जिन कंपनियों ने डिविडेंड पेमेंट बढ़ाया, उनमें Wipro सबसे आगे रही। वित्त वर्ष 2025 में देश की टॉप 10 आईटी कंपनियों ने 96,782 करोड़ रुपये का डिविडेंड बांटा था

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 18, 2026 पर 9:55 AM
मुश्किल दौर में भी देश की टॉप 10 IT कंपनियों ने बांट दिया रिकॉर्ड तोड़ डिविडेंड, ₹1 लाख करोड़ को क्रॉस कर ​गया आंकड़ा
इंफोसिस, विप्रो समेत 7 कंपनियों ने पिछले साल के मुकाबले अपने डिविडेंड बढ़ाए।

निफ्टी IT इंडेक्स में लिस्टेड भारत की टॉप 10 IT कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में कुल मिलाकर 1 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया। यह एक रिकॉर्ड हाई है। इतना तगड़ा डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को उस समय मिला, जब यह सेक्टर हाल के समय के सबसे मुश्किल दौर में से एक से गुजर रहा था। यह भुगतान ऐसे समय में हुआ, जब इस बात का डर गहरा रहा था कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक सॉफ्टवेयर सर्विस मॉडल्स को बदल देगा, कमाई का नजरिया कमजोर था, और क्लाइंट्स का खर्च भी ज्यादा सतर्कता भरा होता जा रहा था।

वित्त वर्ष 2026 के लिए टॉप 10 IT कंपनियों की ओर से कुल डिविडेंड पेमेंट 1.01 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह 96,782 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 69,976 करोड़ रुपये था। हालांकि, एक फैक्ट यह भी है कि सभी कंपनियां एक ही दिशा में नहीं चलीं।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और कोफोर्ज ऐसी दो कंपनियां रहीं, जिन्होंने वित्त वर्ष 2026 के दौरान कम डिविडेंड दिया। वहीं HCL टेक्नोलोजिज ने डिविडेंड को स्थिर रखा। बाकी 7 कंपनियां- इंफोसिस, LTIMindtree, Mphasis, ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, टेक महिंद्रा, और विप्रो सभी ने पिछले साल के मुकाबले अपने डिविडेंड बढ़ाए।

TCS का डिविडेंड एक साल पहले से 12.7 प्रतिशत कम

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