Trade setup for today:बाजार खुलने के पहले इन आंकड़ों पर डालें एक नजर, मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में होगी आसानी
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 35,223.06 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 34,750.83 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 36,470.86 फिर 37,246.43 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि डेली चार्ट पर लॉन्ग अपर शैडो के साथ एक छोटा निगेटिव कैंडल बनता दिखा है। ये पैटर्न उछाल पर बिकवाली का संकेत होता है।
30 नवंबर को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में बाजार लाल निशान में बंद हुआ। निफ्टी कल 30 अगस्त के बाद पहली बार 17000 के नीचे बंद हुआ। हालांकि कल के कारोबार में दिग्गजों की तुलना में मिड और स्मॉलकैप का प्रदर्शन अच्छा रहा। निफ्टी मिड कैप 0.46 फीसदी और स्मॉलकैप 1.83 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
कल के कारोबार में Sensex 195.71 अंक गिरकर 57,064.87 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं, Nifty 70.80 अंक गिरकर 16,983.20 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी ने कल डेली चार्ट पर बियरिश कैंडल बनाया। बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और मेटल स्टॉक्स ने बाजार पर दबाव बनाया।
HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि डेली चार्ट पर लॉन्ग अपर शैडो के साथ एक छोटा निगेटिव कैंडल बनता दिखा है। ये पैटर्न उछाल पर बिकवाली का संकेत होता है। निफ्टी में कमजोरी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। शॉर्ट टर्म में निफ्टी 16,782 की तरफ भी जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि डेली चार्ट पर लोअर हाईज और लोअर लोज का निगेटिव चार्ट पैटर्न बना हुआ है और मंगलवार के 17,324 के हाई को इस क्रम का नया लोअर हाई माना जा सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकडे दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी। यहां इस बात का ध्यान रखें कि इस स्टोरी में दिए गए ओपन इंटरेस्ट (OI)और स्टॉक्स के वॉल्यूम से संबंधित आंकड़े तीन महीनों के आंकड़ों का योग हैं, ये सिर्फ चालू महीनें से संबंधित नहीं हैं।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 16,834.84 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 16,686.47 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 17,228.13 फिर 17,473.07 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
Nifty Bank
निफ्टी बैंक के लिए पहला सपोर्ट 35,223.06 और उसके बाद दूसरा सपोर्ट 34,750.83 पर स्थित है। अगर इंडेक्स ऊपर की तरफ रुख करता है तो 36,470.86 फिर 37,246.43 पर इसको रजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है।
कॉल ऑप्शन डेटा
18000 की स्ट्राइक पर 31 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो दिसंबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 17,500 पर सबसे ज्यादा 18.87 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 17,000 की स्ट्राइक पर 17.96 लाख कॉन्ट्रैक्ट का कॉल ओपन इंटरेस्ट है।
17,100 की स्ट्राइक पर काल राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 3.78 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 17200 पर भी 1.4 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं।
17,500 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17000 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल अनवाइंडिंग रही।
पुट ऑप्शन डेटा
17000 की स्ट्राइक पर 45.66 लाख कॉन्ट्रैक्ट का अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिला है जो दिसंबर सीरीज में अहम रजिस्टेंस लेवल का काम करेगा। इसके बाद 16,000 पर सबसे ज्यादा 31.41 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट देखने को मिल रहा है। वहीं, 16,500 की स्ट्राइक पर 20.92 लाख कॉन्ट्रैक्ट का पुट ओपन इंटरेस्ट है।
16,700 की स्ट्राइक पर पुट राइटिंग देखने को मिली। इस स्ट्राइक पर 3.39 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। उसके बाद 17,100 पर भी 3.29 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़ते दिखे हैं। जबकि 17000 पर 1.55 लाख कॉन्ट्रैक्ट जुड़े हैं।
17,600 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग देखने को मिली। इसके बाद 17,700 और फिर 17,800 की स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा पुट अनवाइंडिंग रही।
हाई डिलिवारी परसेंटेज इस बात का संकेत होता है कि निवेशक उन शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं।
52 स्टॉक्स में दिखा लॉन्ग बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली बढ़त से आमतौर पर लॉन्ग पोजीशन बनने का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर कल के कारोबार में 52 शेयरों में लॉन्ग बिल्ड-अप देखने को मिला।
26 स्टॉक्स में दिखी लॉन्ग अनवाइंडिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर लॉन्ग अनवाइंडिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर कल के कारोबार में 26 शेयरों में सबसे ज्यादा लॉन्ग लॉन्ग अनवाइंडिंग देखने के मिली है।
65 स्टॉक्स में दिखा शॉर्ट बिल्ड-अप
ओपन इंटरेस्ट में बढ़त के साथ ही कीमतों में भी होने वाली गिरावट से आमतौर पर शॉर्ट बिल्ड-अप का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर कल के कारोबार में 65 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट बिल्ड-अप देखने को मिला है।
46 स्टॉक्स में दिखी शॉर्ट कवरिंग
ओपन इंटरेस्ट में गिरावट के साथ ही कीमतों में होने वाली बढ़त से आमतौर पर शॉर्ट कवरिंग का अंदाजा लगाया जाता है। ओपन इंटरेस्ट फ्यूचर परसेंटेंज के आधार पर कल के कारोबार में 46 शेयरों में सबसे ज्यादा शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली है।
FII और DII आंकड़े
30 नवंबर को भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 5,445.25 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं, इस दिन घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,350.23 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
NSE पर F&O बैन में आने वाले शेयर
1 दिसंबर को NSE पर 1 स्टॉक F&O बैन में हैं। इसमें Indiabulls Housing Finance का नाम शामिल है। बताते चलें कि F&O सेगमेंट में शामिल स्टॉक्स को उस स्थिति में बैन कैटेगरी में डाल दिया जाता है, जिसमें सिक्योरिटीज की पोजीशन उनकी मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट से ज्यादा हो जाती है।