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Trading plan: शुक्रवार की तेज़ गिरावट के बाद आज F&O एक्सपायरी सेशन में Nifty और Bank Nifty कर सकते वापसी की कोशिश

Trading plan: Nifty को 23,000–23,200 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है,जिसके बाद 23,500 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। हालांकि, इसके लिए तत्काल सपोर्ट 22,600 पर है,जिसके बाद 22,450 का अहम सपोर्ट है। उधर Bank Nifty के लिए 53,000–53,300 की रेंज रेजिस्टेंस का काम कर सकती है,जिसके बाद 54,000–54,200 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस हो सकता है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Mar 30, 2026 पर 7:22 AM
Trading plan: शुक्रवार की तेज़ गिरावट के बाद आज F&O एक्सपायरी सेशन में Nifty और Bank Nifty कर सकते वापसी की कोशिश
Market trend : Nifty को 22,500–22,450 के दायरे में सपोर्ट मिल रहा है। अगर यह स्तर टूटता है,तो उम्मीद है कि शॉर्ट टर्म में बाज़ार का रुख कमज़ोर हो जाएगा

Trading Plan : शुक्रवार को मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते 2 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट के बाद Nifty आज होने वाले मंथली Futures & Options कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के सेशन में वापसी की कोशिश कर सकता है। लेकिन,इसकी स्थिरता पर नजर रहेगी क्योंकि 'लोअर हाई–लोअर लो' का साइकिल चल रहा है और इंडिया VIX कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इससे बाज़ारों में सतर्क रवैया और मज़बूत हो रहा है। Nifty को 23,000–23,200 पर रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है,जिसके बाद 23,500 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस होगा। हालांकि, इसके लिए तत्काल सपोर्ट 22,600 पर है,जिसके बाद 22,450 का अहम सपोर्ट है। उधर Bank Nifty के लिए 53,000–53,300 की रेंज रेजिस्टेंस का काम कर सकती है,जिसके बाद 54,000–54,200 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस हो सकता है। जबकि 51,800 और 51,300 अहम सपोर्ट लेवल हैं।

निफ्टी आउटलुक और स्ट्रैटेजी

एंजल वन के टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च हेड ओशो कृष्ण का कहना है कि भारतीय इक्विटीज़ मार्केट में 'लोअर हाईज़–लोअर लोज़'का साइकिल साफ़ दिखाई दे रहा है। बेंचमार्क इंडेक्स कुछ समय के लिए अपने शॉर्ट-टर्म EMA से नीचे रहा,जो इसमें मौजूद कमज़ोरी का संकेत है। इसके अलावा,फियर इंडेक्स India VIX—लगातार 26 से ऊपर (साप्ताहिक आधार पर 17 प्रतिशत की बढ़त) ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इससे बाज़ारों में सतर्कता का रुख और मज़बूत हुआ है। साथ ही,लगातार बने भू-राजनीतिक तनाव के दबाव के चलते इस महीने इंडेक्स में 9 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई है। कच्चे तेल की कीमतों,करेंसी में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक स्थिति से जुड़ी चिंताओं ने बाज़ार के सेंटिमेंट पर बुरा असर डाला है,जिससे निकट भविष्य में किसी भी बड़े सुधार की संभावनाएं सीमित हो गई हैं।

तकनीकी नज़रिए से देखें तो Nifty को 22,500–22,450 के दायरे में सपोर्ट मिल रहा है। अगर यह स्तर टूटता है,तो उम्मीद है कि शॉर्ट टर्म में बाज़ार का रुख कमज़ोर हो जाएगा,जिससे यह 22,100–22,000 के स्तरों तक गिर सकता है।

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