देश की इकोनॉमी में ई कॉमर्स कंपनियों का रोल और उनका योगदान क्या है इसपर कंपनियों के दावे और सरकार की राय एकदम अलग है। आज एक इवेंट में ई-कॉमर्स कंपनियों की रिपोर्ट में कहा गया कि वो पारंपरिक रिटेल स्टोर के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा रोजगार पैदा करते हैं। यही नहीं रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ई-कॉमर्स का छोटे रिटेल के धंधे पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लेकिन इस मौके पर कामर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल भी मौजूद थे। और उन्होंने ने सिरे से ई-कॉमर्सकंपनियों के दावों को खारिज कर दिया। मंत्री ने कहा कि ज्यादा रोजगार पैदा करने की बात गले उतरने वाली नहीं है। दूसरे कई मुद्दों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
क्या कहती है इंडिया फाउंडेशन की रिपोर्ट
इस पर और ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज के रोहन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर इंडिया फाउंडेशन की एक रिपोर्ट आई है। जिसमें कहा गया है कि पारंपरिक रिटेल स्टोर के मुकाबले ई-कॉमर्स कंपनियां 50 फीसदी ज्यादा रोजगार पैदा करती हैं। ई-कॉमर्स का छोटे रिटेल के धंधे पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। एक ऑनलाइन वेंडर औसतन 9 रोजगार पैदा कर रहा है। वहीं, एक ऑफलाइन वेंडर सिर्फ 6 रोजगार पैदा कर रहा है। ऑनलाइन में महिलाओं को नौकरी ऑफलाइन से लगभग दोगुना है। ऑनलाइन की ग्रोथ से रिटेल दुकाने बंद नहीं हो रही हैं। 2020 के बाद से सिर्फ 20 फीसदी दुकानें ही बंद हुई हैं। हर चौथा स्थानीय दुकानदार विस्तार की योजना बना रहा है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस रिपोर्ट से सहमत नहीं
हालांकि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस रिपोर्ट से सहमत नहीं दिखे। पीयूष गोयल ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियां छोटे दुकानदारों के ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स का हिस्सा खा रही हैं। साथ ही, उन्होने ये भी कहा कि अमेजन जैसी ग्लोबल ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में निवेश कर कोई एहसान नहीं कर रही हैं।
वाणिज्य-उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आगे कहा कि वे इस रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं। ई-कॉमर्स का भारत में रोजगार पर कोई सकारात्मक असर नहीं हुआ है। छोटे रिटेलर्स के कारोबार पर ई-कॉमर्स से असर पड़ा है। ई-कॉमर्स से छोटे दुकानदारों को नुकसान हुआ है। हाई वैल्यू और हाई मार्जिन वाले प्रोडक्ट पर असर पड़ा है। हमें यह सोचना होगा कि क्या ई-कॉमर्स से बड़ी सामाजिक समस्या पैदा हो रही है। क्या इससे Mom & Pop जैसे स्टोर्स पर अस्तित्व का खतरा। जब अमेजन कहता है कि वे भारत में एक बिलियन डॉलर का निवेश कर रहे हैं, तो वे हमारे ऊपर कोई एहसान नहीं कर रहे हैं। 5 लाख फार्मेसी पर ई-कॉमर्स के असर का आकलन करना होगा।