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E-Commerce कंपनियों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उठाए सवाल, कहा अमेजन हम पर नहीं कर रहा कोई एहसान

E Commerce : पीयूष गोयल ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियां छोटे दुकानदारों के ज्यादा मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स का हिस्सा खा रही हैं। साथ ही, उन्होने ये भी कहा कि अमेजन जैसी ग्लोबल ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में निवेश कर कोई एहसान नहीं कर रही

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 21, 2024 पर 6:12 PM
E-Commerce कंपनियों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उठाए सवाल, कहा अमेजन हम पर नहीं कर रहा कोई एहसान
वाणिज्य-उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ई-कॉमर्स का भारत में रोजगार पर कोई सकारात्मक असर नहीं हुआ है। छोटे रिटेलर्स के कारोबार पर ई-कॉमर्स से निगेटिव असर पड़ा है

देश की इकोनॉमी में ई कॉमर्स कंपनियों का रोल और उनका योगदान क्या है इसपर कंपनियों के दावे और सरकार की राय एकदम अलग है। आज एक इवेंट में ई-कॉमर्स कंपनियों की रिपोर्ट में कहा गया कि वो पारंपरिक रिटेल स्टोर के मुकाबले 50 फीसदी ज्यादा रोजगार पैदा करते हैं। यही नहीं रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि ई-कॉमर्स का छोटे रिटेल के धंधे पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लेकिन इस मौके पर कामर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल भी मौजूद थे। और उन्होंने ने सिरे से ई-कॉमर्सकंपनियों के दावों को खारिज कर दिया। मंत्री ने कहा कि ज्यादा रोजगार पैदा करने की बात गले उतरने वाली नहीं है। दूसरे क‌ई मुद्दों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

क्या कहती है इंडिया फाउंडेशन की रिपोर्ट

इस पर और ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज के रोहन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर इंडिया फाउंडेशन की एक रिपोर्ट आई है। जिसमें कहा गया है कि पारंपरिक रिटेल स्टोर के मुकाबले ई-कॉमर्स कंपनियां 50 फीसदी ज्यादा रोजगार पैदा करती हैं। ई-कॉमर्स का छोटे रिटेल के धंधे पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। एक ऑनलाइन वेंडर औसतन 9 रोजगार पैदा कर रहा है। वहीं, एक ऑफलाइन वेंडर सिर्फ 6 रोजगार पैदा कर रहा है। ऑनलाइन में महिलाओं को नौकरी ऑफलाइन से लगभग दोगुना है। ऑनलाइन की ग्रोथ से रिटेल दुकाने बंद नहीं हो रही हैं। 2020 के बाद से सिर्फ 20 फीसदी दुकानें ही बंद हुई हैं। हर चौथा स्थानीय दुकानदार विस्तार की योजना बना रहा है।

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