एल्यूमिनियम में तेजी से Vedanta को फायदा, Hindustan Copper पर नजरिया सतर्क: आनंद राठी

एल्यूमिनियम में मजबूत कीमतों और सप्लाई की कमी से Vedanta को फायदा मिल सकता है। वहीं Hindustan Copper का आउटलुक कंजरवेटिव बताया गया है। जानिए मेटल सेक्टर का ट्रेंड, प्रॉफिट अनुमान और शेयर रिटर्न का पूरा एनालिसिस।

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 5:40 PM
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वेदांता का शेयर मंगलवार को 0.51% गिरकर 767.05 रुपये पर बंद हुआ।

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi Institutional Equities के वाइस प्रेसिडेंट पार्थिव झोंसा (Parthiv Jhonsa) का मानना है कि मजबूत एल्यूमिनियम साइकिल का फायदा Vedanta को मिल सकता है। उनका कहना है कि सप्लाई में कमी और मजबूत कीमतें कंपनी की कमाई को सहारा देंगी, भले ही शेयर में हाल ही में तेजी आई हो।

एल्यूमिनियम बाजार में सप्लाई की कमी

झोंसा के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर एल्यूमिनियम की सप्लाई अभी भी दबाव में है। उन्होंने बताया कि दुनिया के कुल उत्पादन का करीब 8-9% हिस्सा फिलहाल बंद है और इसे दोबारा शुरू होने में 12-15 महीने लग सकते हैं। इसका मतलब है कि सप्लाई जल्दी सामान्य नहीं होगी, जिससे कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।


कीमतों में मजबूती का ट्रेंड

झोंसा ने कहा कि बाजार में कीमतों की मजबूती साफ नजर आ रही है। उन्होंने कहा, 'एल्यूमिनियम की कीमत $4,000 के स्तर को पार कर चुकी है।' इसमें प्रीमियम, London Metal Exchange (LME) की कीमतें और फ्रेट शामिल हैं, जो मिलकर मजबूत कमाई का माहौल बना रहे हैं।

कॉपर सेक्टर पर भी पॉजिटिव नजरिया

एल्यूमिनियम के अलावा झोंसा मेटल सेक्टर, खासकर कॉपर को लेकर भी सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि Hindustan Copper का आउटलुक थोड़ा ज्यादा सतर्क है। इसमें संभावित कमाई को कम आंका गया है।

उन्होंने कहा कि कंपनी के प्राइस अनुमान मौजूदा बाजार स्तर से नीचे हैं। यानी अगर कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर हो सकता है।

मुनाफे में बेहतर प्रदर्शन की संभावना

झोंसा ककहना है कि भले ही उत्पादन अनुमान थोड़ा सीमित हो, फिर भी कंपनी का मुनाफा गाइडेंस से ज्यादा रह सकता है। उन्होंने कहा कि प्रॉफिटेबिलिटी करीब ₹1,900-2,000 करोड़ तक पहुंच सकती है, जिससे नीचे की तरफ जोखिम कम नजर आता है।

आगे के लिए कीमतों का अनुमान

उन्होंने आगे के लिए भी कॉपर की कीमतों में मजबूती की उम्मीद जताई है। उनके मुताबिक, 2027 और 2028 के लिए London Metal Exchange (LME) पर कॉपर की कीमत करीब $12,500 प्रति टन रह सकती है। इसकी वजह सप्लाई की कमी और खदानों के उत्पादन में देरी है।

वेदांता और हिंदुस्तान कॉपर के शेयर

वेदांता का शेयर मंगलवार को 0.51% गिरकर 767.05 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 61.26% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में निवेशकों को इससे 86% का मुनाफा हुआ है।

वहीं, हिंदुस्तान कॉपर का शेयर 0.75% गिरकर 552.40 पर बंद हुआ। यह 6 महीने में 59.51% चढ़ा है। वहीं, 1 साल में इसने 150.65% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।

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