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Vedanta पर फ्लाई ऐश के डिस्पोजल को लेकर ₹71 करोड़ का फाइन, आदेश को चुनौती देगी कंपनी

Vedanta का दावा है कि ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी के कंप्लायंस रिकॉर्ड और पहले के सबमिशंस पर उचित विचार किए बिना फैसला लिया है। वेदांता का मानना ​​है कि उसके पास योग्यता के आधार पर एक मजबूत मामला है और उसे अनुकूल नतीजे मिलने की उम्मीद है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 11, 2025 पर 11:38 PM
Vedanta पर फ्लाई ऐश के डिस्पोजल को लेकर ₹71 करोड़ का फाइन, आदेश को चुनौती देगी कंपनी
11 अप्रैल को Vedanta का शेयर बीएसई पर 2.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 380.30 रुपये पर बंद हुआ।

अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) को ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से नोटिस मिला है। इसमें कंपनी पर फ्लाई ऐश के अनऑथराइज्ड निपटान का आरोप लगाया गया है। साथ ही नियमों के कथित रूप से उल्लंघन के लिए एनवायरमेंटल कंपंजेशन के रूप में कंपनी से 71.16 करोड़ या 71,16,53,320 रुपये की मांग की गई है। 10 अप्रैल 2025 को जारी किया गया यह नोटिस पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) की ओर से जारी फ्लाई ऐश नोटिफिकेशन के तहत दिया गया।

BSE और NSE को एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए कंपनी ने बताया है कि वह आरोपों का दृढ़ता से खंडन करती है और उसका इरादा मामले में उचित कानूनी कदम उठाने का है। वेदांता का दावा है कि ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कंपनी के कंप्लायंस रिकॉर्ड और पहले के सबमिशंस पर उचित विचार किए बिना फैसला लिया है।

नहीं होगा कोई बड़ा वित्तीय असर

कहा गया, "वेदांता का मानना ​​है कि उसके पास योग्यता के आधार पर एक मजबूत मामला है और उसे अनुकूल नतीजे मिलने की उम्मीद है।" साथ ही कहा कि उसे उम्मीद नहीं है कि आदेश का कोई बड़ा वित्तीय प्रभाव होगा। इस नोटिस के बारे में खुलासे में देरी पर वेदांता ने कहा कि वह मामले का आकलन और तथ्यों की जांच कर रही थी।

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