Vedanta Shares: वेदांता लिमिटेड के शेयर मंगलवार 1 अप्रैल को कारोबार के दौरान 2 फीसदी तक गिर गए। यह गिरावट कंपनी के इस ऐलान के बाद आई कि उसने अपनी प्रस्तावित डीमर्जर योजना को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च से बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दी है। कंपनी ने शुक्रवार 28 मार्च को शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में यह जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और दूसरी सरकारी एजेंसियों से मंजूरी अटके होने के कारण यह फैसला लिया गया है। Vedanta ने कहा कि यह फैसला डीमर्जर स्कीम के क्लॉज 39.7 के तहत किया गया है, जो बोर्ड को नियामकीय मंजूरियों में देरी की स्थिति में समयसीमा बढ़ाने की अनुमति देता है।
क्या है Vedanta का डीमर्जर प्लान?
Vedanta ने सितंबर 2023 में अपनी डीमर्जर योजना का ऐलान किया था। इसके तहत कंपनी ने अपने 5 बिजनेसों (एल्यूमिनियम, ऑयल एंड गैस, स्टील, बिजली, और मूल कंपनी) को अलग अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में बांटने का फैसला किया है। कंपनी ने बताया इस कदम का उद्देश्य कारोबारी दक्षता बढ़ाना, मैनेजमेंट को सरल बनाना और शेयरधारकों के लिए वैल्यू बनाना है।
इस बीच, CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि Vedanta Group उन 26 कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण में रुचि दिखाई है। कंपनी ने कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) प्रस्तुत किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, Adani Group ने भी इस संकटग्रस्त कंपनी के अधिग्रहण में रुचि दिखाई है। JAL, जयप्रकाश ग्रुप की प्रमुख कंपनी है और इसका कारोबार सीमेंट, पावर, होटल, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सेक्टर में फैला हुआ है।
NCLT की इलाहाबाद बेंच ने 3 जून 2024 को कंपनी को इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत प्रक्रिया में शामिल किया था। इस महीने की शुरुआत में, NCLT ने निर्देश दिया कि JAL के लिए समाधान योजनाएं पूरी कंपनी के लिए ही मांगी जाएं, न कि इसके अलग-अलग बिजनेसों के लिए।
मंगलवार को कारोबार के अंत में, वेदांता के शेयर एनएसई पर 1.33 फीसदी की गिरावट के साथ 457.25 रुपये के भाव पर बंद हुए। हालांकि पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में करीब 11.5 फीसदी की तेजी आई है।