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Vedanta Share Price: सात दिन में 14% रिटर्न, इन वजहों से वेदांता के शेयर बने रॉकेट, छू ली नई ऊंचाई

Vedanta Shares: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों को खरीदने इस समय होड़ मची हुई है। इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 27 सितंबर को लगातार सातवें दिन इसमें तेजी रही। इंट्रा-डे में तो यह ढाई फीसदी से अधिक उछलकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। सात दिनों में यह 14 फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। जानिए इस तेजी की वजह

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 28, 2024 पर 6:42 PM
Vedanta Share Price: सात दिन में 14% रिटर्न, इन वजहों से वेदांता के शेयर बने रॉकेट, छू ली नई ऊंचाई
इस महीने की शुरुआत में Vedanta ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 20 रुपये प्रति शेयर के तीसरे डिविडेंड को मंजूरी दी थी, जिससे FY25 के लिए अब तक का कुल डिविडेंड भुगतान 13,474 करोड़ रुपये हो गया।

Vedanta Shares: माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों को खरीदने इस समय होड़ मची हुई है। इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार 27 सितंबर को लगातार सातवें दिन इसमें तेजी रही। इंट्रा-डे में तो यह ढाई फीसदी से अधिक उछलकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। सात कारोबारी दिनों में यह 14 फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। फिलहाल बीएसई पर 512.85 रुपये के भाव पर है और शुक्रवार को यह 2.19 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ था। इंट्रा-डे में यह 2.79 फीसदी चढ़कर 515.85 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर चला गया था। पिछले साल 28 सितंबर 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 207.85 रुपये पर था यानी कि एक साल में यह 148 फीसदी मजबूत होकर रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा।

Vedanta के शेयर क्यों बने रॉकेट?

वेदांता के शेयरों की यह तेजी कई वजहों से है। एक वजह तो ये है कि 8 अक्टूबर को बोर्ड की बैठक होनी है जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 के चौथे अंतरिम डिविडेंड पर फैसला होगा। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 16 अक्टूबर फिक्स किया जा चुका है। इस वित्त वर्ष में अभी तक कंपनी 13,474 करोड़ रुपये के डिविडेंड को मंजूरी दे चुकी है।

इसके अलावा एक और बड़ी वजह ये है कि बेस मेटल्स के सबसे बड़े उपभोक्ता चीन ने कई बड़े आर्थिक फैसले लिए हैं। चीन सरकार ने इस साल 5 फीसदी की ग्रोथ को हासिल करने के लिए रिवर्स रेपो रेट में कटौती की है। इसका वैश्विक मेटल मार्केट पर सीधा असर पड़ा है और इसके चलते एलुमिनियम, कॉपर और निकिल की कीमतों को सपोर्ट मिला है। दुनिया भर के आधे बेस मेटल की खपत चीन में ही होती है। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बेंचमार्क रेट में कटौती की जिससे वेदांता समेत बाकी मेटल कंपनियों के लिए बेहतर माहौल बना। मेटल की कीमतें बढ़ने से मार्जिन बेहतर होगा और कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा।

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