वित्तीय दबावों से जूझ रही टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया (Voda Idea) को देश के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) से सपोर्ट मिला है। बैंक ने वोडा आइडिया को लाइसेंस फीस भरने और 5जी स्पेक्ट्रम के पेमेंट से जुड़ी देनदारियों को पूरा करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का लोन दिया है। यह लोन दो साल के लिए है और इसे सितंबर के मध्य में टेलीकॉम कंपनी को दे दिया गया था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह लोन कंपनी की कुछ लोन और स्टैटुअरी पेमेंट कमिटेमेंट की डेडलाइन से ठीक पहले मिला था। कंपनी पहले ही वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 के लिए लाइसेंस फी के रूप में 350 करोड़ रुपये से अधिक और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्जेज (SUC) के लिए लगभग 1,700 करोड़ रुपये का पेमेंट कर चुकी है। कंपनी अब इक्विटी फंडिंग के लिए निवेशकों से बातचीत कर रही है।
प्रमोटर ग्रुप कंपनी से मिला है ₹2000 करोड़ का भरोसा
वोडा आइडिया की एक प्रमोटर ग्रुप कंपनी ने कंपनी को 2 हजार करोड़ रुपये का भरोसा दिलाया है। प्रमोटर ग्रुप कंपनी ने वोडा आइडिया से कहा कि अगर पेमेंट देनदारियों से निपटने के लिए इसे वित्तीय सहारे की जरूरत पड़ेगा तो यह 2000 करोड़ रुपये की मदद के लिए तैयार है। टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया ने 14 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में इसका खुलासा किया था। कंपनी के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने कहा था कि प्रमोटर्स 2 हजार करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के लिए तैयार हैं। यह निवेश बाहरी निवेश के अतिरिक्त होगा और इससे मार्च के आखिरी तक स्पेक्ट्रम बकाए को खत्म करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इक्विटी निवेश को लेकर बातचीत इसी तिमाही में पूरी हो जाएगी।
30 जून 2023 तक के आंकड़ों के हिसाब से वोडा आइडिया पर 2.11 लाख करोड़ रुपये का ग्रॉस कर्ज है। हालांकि कंपनी 2022-23 की दूसरी तिमाही तक के टैक्स जैसे सभी स्टैटुअरी ड्यू का पेमेंट कर दिया है। अब यह पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही अक्टूबर-दिसंबर 2022 की लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज (SUC) के बकाए को पूर्व योजना से भी अधिक तेजी से चुकता कर रही है।