Get App

Vodafone Idea FPO: एक झटके में नहीं चुकाया जाएगा वेंडर्स का बकाया

Vodafone Idea FPO: दिसंबर 2023 को समाप्त तिमाही में इंडस टावर्स ने वोडाफोन आइडिया से पिछले बकाया के तहत 300 करोड़ रुपये और मंथली कलेक्शन का 100 प्रतिशत हासिल किया। इंडस टावर्स के प्रमोटर्स में Vodafone Group Plc भी शामिल है, जो कि वोडाफोन आइडिया के प्रमोटर्स में भी है। वोडाफोन आइडिया प्रमोटर या प्रमोटर समूह की कंपनियों को कोई भुगतान करने के लिए FPO के पैसे का इस्तेमाल नहीं कर सकती है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Apr 18, 2024 पर 8:12 AM
Vodafone Idea FPO: एक झटके में नहीं चुकाया जाएगा वेंडर्स का बकाया
Vodafone Idea का कहना है कि उसका बैंक ऋण घटकर अब 4,500 करोड़ रुपये से कम रह गया है।

Vodafone Idea FPO: वोडाफोन आइडिया समय के साथ आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल करके वेंडर्स के बकाए का भुगतान करेगी। कंपनी की एक ही बार में बकाए को निपटाने की योजना नहीं है। वोडाफोन आइडिया के CEO अक्षय मूंदड़ा (Akshaya Moondra) मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में कहा, 'हम बहुत स्पष्ट हैं कि जो फंडिंग हम जुटा रहे हैं, वह मुख्य रूप से ग्रोथ कैपेक्स के लिए है। इसे वेंडर्स का बकाया चुकाने के लिए नहीं जुटाया जा रहा है। वेंडर्स का बकाया इंटर्नल अकाउंट्स से चुकाना होगा।' वोडाफोन आइडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षय मूंदड़ा ने मनीकंट्रोल को एक साक्षात्कार में बताया।

उन्होंने कहा, “हमारा बैंक ऋण घटकर अब 4,500 करोड़ रुपये से कम रह गया है। इसलिए, हमारी बैंक ऋण अदायगी कम है, और हमारा कैश जनरेशन अधिक है। हर तिमाही में, हमारे पास कैश जनरेशन में से ऋण अदायगी निकालने के बाद पैसा बचना चाहिए, जिसका इस्तेमाल हम समय के साथ अपने वेंडर्स के बकाया को चुकाने में कर पाएंगे।”

वोडाफोन आइडिया का 18,000 करोड़ रुपये का FPO (Follow on Offer) सार्वजनिक निवेशकों के लिए 18 अप्रैल को खुलेगा और 22 अप्रैल को बंद होगा। यह देश में अब तक का सबसे बड़ा एफपीओ है। एफपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 5,400 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इन निवेशकों में जीक्यूजी पार्टनर्स एमर्जिंग मार्केट्स इक्विटी फंड, फिडेलिटी, यूबीएस फंड मैनेजमेंट, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी, ऑस्ट्रेलियन सुपर, ट्रू कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस जैसे विदेशी निवेशक शामिल हैं। इसके अलावा मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस और क्वांट म्यूचुअल फंड जैसे घरेलू निवेशकों ने भी निवेश किया है।

प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों को एफपीओ के पैसे से पेमेंट नहीं

सब समाचार

+ और भी पढ़ें