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टूरिज्म सेक्टर से करना है वेल्थ क्रिएशन तो इस फंड में करें निवेश, कम रिस्क में मिल सकता है छप्‍परफाड़ रिटर्न

टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड भारत का पहला टूरिज्म इंडेक्स फंड है। फंड के मैनेजर कपिल मेनन है। 1 अगर 2024 को इसका NAV 10.09 रुपए था। इसमें 5000 रुपए का मिनिमम निवेश किया जा सकता है। वहीं, इसकी मिनिमम SIP 100 रुपए है। इसके जरिए टूरिज्म सेक्टर से वेल्थ क्रिएशन संभव है इसमें कम रिस्क में छप्‍परफाड़ रिटर्न मिल सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 03, 2024 पर 5:11 PM
टूरिज्म सेक्टर से करना है वेल्थ क्रिएशन तो इस फंड में करें निवेश, कम रिस्क में मिल सकता है छप्‍परफाड़ रिटर्न
टूरिज्म इंडेक्स फंड में 17 स्टॉक शामिल है। इस इंडेक्स फंड में 17 कंपनियां शामिल हैं। एक स्टॉक के लिए अधिकतम सीमा 20 फीसदी है। फंड का डायवर्सिफिकेशन और रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस है

सीएनबीसी-आवाज़ के खास शो फायदेमंद फंड्स में एक नई थीम पर बात हो रही है। वह थीम है टूरिज्म की। जो घूमने फिरने, ट्रैवल और टूर का बिजनेस है उसपर आप कैसे अपनी पोर्टफोलियो बना सकते हैं और कमाई कर सकते हैं, यहां इस पर बात हो रही है। इस बातचीत में आवाज़ के साथ हैं टाटा एसेट मैनेजमेंट के CBO आनंद वरदराजन जिन्होंने टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड (Tata Nifty IndiaTourism Index Fund) के बारे में जानकारी दी।

भारत का पहला टूरिज्म इंडेक्स फंड

टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड भारत का पहला टूरिज्म इंडेक्स फंड है। इसके जरिए टूरिज्म सेक्टर से वेल्थ क्रिएशन संभव है। इसमें कम रिस्क में छप्‍परफाड़ रिटर्न मिल सकता है। यह फंड 24 जुलाई 2024 को लॉन्च हुआ। इसका बेंचमार्क Nifty India Tourism TRI है। इसका रिस्कोमीटर हाई है। यह एक ओपन एंडेड फंड हैं। फंड के मैनेजर कपिल मेनन है। 1 अगर 2024 को इसका NAV 10.09 रुपए था। इसमें 5000 रुपए का मिनिमम निवेश किया जा सकता है। वहीं, इसकी मिनिमम SIP 100 रुपए है। जबकि मिनिमम विड्रॉल 500 रुपए है। एंट्री लोड 0.25 फीसदी है। इसमें 15 दिन से पहले रिडेम्पशन संभव है।

टाटा निफ्टी इंडिया टूरिज्म इंडेक्स फंड (Tata Nifty India Tourism Index) भारत का पहला टूरिज्म इंडेक्स फंड है। टूरिज्म सेक्टर के अंदर बहुत सारी कंपनियां हैं। ट्रेवल करते वक्त ऑनलाइन बुकिंग की जरूरत होती है। कई ऑनलाइन बुकिंग कंपनियां लिस्टेड स्टेज में हैं। इस सेक्टर में लगेज मैन्युफैक्चरर कंपनियां शामिल हैं। इसमें एयरलाइन्स से लेकर रेलवे कंपनियां तक शामिल। होटल इंडस्ट्री कंपनियां भी शामिल हैं। क्विक सर्विस रेस्टोरेंट कंपनियां शामिल हैं। यानी टूरिज्म सेक्टर के दायरे में कई सारी कंपनियां आती हैं। पिछले 10 साल में इस सेक्टर में लगातार तेजी रही है। कोविड के बाद इस सेक्टर में काफी तेजी आई है। सेक्टर को लोगों की बढ़ी हुई डिस्पोजेबल आय का फायदा मिला है। इस फंड में निवेश से पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाइड करने में मदद मिलेगी।

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