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PFC Share Price: Q3 नतीजे पर शेयर रॉकेट, पैसे लगाने से पहले चेक करें बड़ा रिस्क

PFC Share Price: दिसंबर तिमाही के धमाकेदार नतीजे पर पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) के शेयर आज रॉकेट बन गए और इंट्रा-डे में 4 फीसदी से अधिक उछल गए। दिसंबर तिमाही के धमाकेदार नतीजे पर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने इसे फिर से आउटपरफॉर्म रेटिंग दी जिससे शेयरों को सपोर्ट मिला। हालांकि निवेश को लेकर एक बड़ा रिस्क भी है

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Feb 13, 2025 पर 4:02 PM
PFC Share Price: Q3 नतीजे पर शेयर रॉकेट, पैसे लगाने से पहले चेक करें बड़ा रिस्क
PFC के शेयरों ने पिछले साल चार ही महीने में फटाफट करीब 65 फीसदी का रिटर्न दिया था।

PFC Share Price: दिसंबर तिमाही के धमाकेदार नतीजे पर पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) के शेयर आज रॉकेट बन गए और इंट्रा-डे में 4 फीसदी से अधिक उछल गए। दिसंबर तिमाही के धमाकेदार नतीजे पर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने इसे फिर से आउटपरफॉर्म रेटिंग दी जिससे शेयरों को सपोर्ट मिला। आज बीएसई पर यह 3.03 फीसदी की तेजी के साथ 384.60 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.61 फीसदी उछलकर 390.50 रुपये के भाव तक पहुंच गया था। नतीजों के साथ-साथ पीएफसी ने प्रति शेयर 3.50 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है जिसकी रिकॉर्ड डेट 28 फरवरी फिक्स की गई है। इसने भी शेयरों को लेकर माहौल पॉजिटिव किया है। यह डिविडेंड 3 मार्च 2025 तक शेयरहोल्डर्स के खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा।

PFC पर क्या है ब्रोकरेज का रुझान

मार्जिन, क्रेडिट कॉस्ट और एसेट क्वालिटी के लिहाज से पीएफसी के लिए दिसंबर तिमाही बेहतरीन रही। हालांकि डिस्बर्समेंट के नरम पड़ने और हाई रीपेमेंट के चलते ग्रोथ उम्मीद से कम रही। एसेट क्वालिटी 2.68 फीसदी पर बनी रही जोकि सितंबर तिमाही में 2.71 फीसदी पर थी। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने लोअर क्रेडिट रिस्क, पिछले साइकिल के मुकाबले बेहतर ग्रोथ का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2027 के प्राइस-टू-बुक वैल्यू के मुकाबले 0.7 गुना यानी बहुत सस्ता होने के चलते इसे फिर से आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। मैक्वेरी ने इसमें निवेश का टारगेट 660 रुपये फिक्स किया है। वहीं एमके ग्लोबल ने इसे ₹5500-₹600 के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग दी है।

हायर नेट इंटेरेस्ट मार्जिन और फॉरेक्स गेन के चलते इसका मुनाफा उम्मीद से अधिक रहा और ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रहा। मैक्वेरी का कहना है कि वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 14 फीसदी की ग्रोथ का जो टारगेट फिक्स किया है, उसे हासिल करना मुश्किल लग रहा है। ब्रोकरेज का यह भी अनुमान है कि केएसके महानदी जैसे स्ट्रैस्ड एसेट्स के राइट-बैक के चलते नियर टर्म में इसका क्रेडिट कॉस्ट निगेटिव बना रह सकता है। केएसके महानदी पर ₹32,243 करोड़ का बकाया है जिसमें से ₹29,400 करोड़ फाइनेंशियल क्रेडिटर्स के हैं। एनसीएलटी ऑर्डर के मुताबिक पिछले साल 11 नवंबर को केएसके के खुलासे में सामने आया कि इसने ₹6,241 करोड़ बांट दिए हैं जिससे इसका आउटस्टैंडिंग बैलेंस ₹26,001 करोड़ पर आ गया। पीएफसी का सबसे अधिक एक्सपोजर इस समय केएसके महानदी पर है जोकि ₹3,428 करोड़ है।

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