ग्लोबल संकेतों के कारण इन दिनों शेयर मार्केट पर दबाव है। 17 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में लगातार दूसरे हफ्ते बाजार में रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली । वीकली आधार पर बाजार करीब 2% गिरा। बीते हफ्ते सेंसेक्स करीब 1.94 फीसदी टूटा जबकि निफ्टी में 1.80% फीसदी की गिरावट देखने को मिली । वहीं निफ्टी बैंक 2.19 फीसदी गिरकर बंद हुआ। जबकि मिडकैप इंडेक्स 2.04 फीसदी टूटा। ऐसे में US संकट कितना गंभीर है? आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है। मंदी की आहट में पैसा कब बनेगा और बाजार में लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी क्या होनी चाहिए। इसपर बात करते हुए Kotak Mutual Fund के Senior Executive VP & Fund Manager पंकज टिबरेवाल (Pankaj Tibrewal) ने कहा कि ब्याज दरें बढ़ने से बाजार पर असर पड़ा। घरेलू बाजार में कंजम्प्शन कमजोर हुआ है और नॉन बैंकिंग कंपनियों में निगेटिव रिटर्न देखने को मिल रहा है।
पंकज टिबरेवाल ने कहा कि बैकिंग & फाइनेंशियल कंपनी की ग्रोथ अच्छी रही है जबकि बाजार की सुनामी को अवसर में बदलें। अगली दो तिमाही में बाजार बैलेंस होगा। ग्लोबल शेयरों में फर्क संभव है। उन्होने कहा कि फेड ब्याज बढ़ाना रोक सकता है। हर आपदा में अवसर होता है। अगले 1-2 साल में US मार्केट बेहतर होगा।
कोटक इमर्जिंग इक्विटी फंड पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मिडकैप कैटेगरी का फंड है जबकि कोटक इमर्जिंग इक्विटी फंड, मिडकैप वाली कंपनी में निवेश है। एलोकेशन मिडकैप कंपनी में 65% रहा है जबकि लॉर्ज, मिड औैर स्मॉलकैप में 35% एलोकेशन है। सेक्टर लीडर्स वाली कंपनी पर फोकस है। मैनेजमेंट, कंपनी लीडर पर फोकस है। बैलेंस शीट और कैश फ्लो भी जरूरी होगी। कंपनी की कैटेगरी बहुत जरुरी है। मिडकैप लंबी अवधि के लिए अच्छा है। 9% मिडकैप 20 साल में लॉर्जकैप बनती हैं। कंपनी के लिए सबसे जरूरी मैनेजमेंट है।
IT सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वैल्युएशन महंगे होने से अंडरवेट थे । IT सेक्टर में करेक्शन हुआ। हालांकि IT आने वाले समय में अच्छा करेगा। IT सेक्टर के वैल्यूएशन ठीक हुए है।
वहीं फार्मा और हेल्थ केयर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि फार्मा में वेटेज बढ़ाया है और आगे और भी बढ़ेगा। घरेलू फार्मा कंपनी पर फोकस बढ़ा है। US में भारतीय फार्मा कंपनी प्रेशर में है। भारतीय फार्मा सेक्टर की जड़ें मजबूत है।