BHEL के शेयर कमजोर मार्केट में भी भागे ऊपर, दो वजहों से आई 5% की जोरदार तेजी

BHEL Share Price: घरेलू स्टॉक मार्केट में बिकवाली के दबाव के बीच दिग्गज पीएसयू कंपनी भेल के शेयर उछल पड़े। इसे एक नहीं बल्कि दो वजहों से तगड़ा सपोर्ट मिला। जानिए कि कमजोर मार्केट में भी भेल के शेयर क्यों मजबूत हुए हैं और एक साल में इसके शेयरों की चाल कैसी रही है

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 3:49 PM
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BHEL Share Price: भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के शेयरों में आज जोरदार तेजी आई। ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद फैली अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है और इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) करीब 1-1% गिर गए तो दूसरी तरफ भेल के शेयर 5% से अधिक उछल पड़े। भेल के शेयर आज लगातार तीसरे दिन ऊपर चढ़े हैं जिसमें आज की बात करें तो दो अहम वजह से इसके शेयर रॉकेट बने। कमजोर मार्केट में इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 4.25% की बढ़त के साथ ₹277.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 5.72% उछलकर ₹281.00 तक पहुंच गया था।

BHEL के शेयरों में क्यों आई जोरदार तेजी?

भेल के शेयरों में जोरदार तेजी की दो अहम वजहें हैं-


1. सूत्रों के हवाले से सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट में सामने आया कि कंपनी ने करीब ₹10300 करोड़ के पैकेज के लिए सबसे कम यानी सफल बोली लगाई है। यह प्रोजेक्ट ओडिशा जेनको थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार से जुड़ा है। इसके साथ ही भेल करीब ₹40,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी यानी एल1 बन गई है। कंपनी के पास अभी ₹2.2 लाख करोड़ के ऑर्डर हैं।

2. भेल के शेयरों में जोरदार तेजी की दूसरी वजह ये है कि भारत ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है जिसके तहत स्वदेशी रूप से डिजाइन और तैयार की गई कल्पक्कम प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने पहली क्रिटिकैलिटी हासिल की है। पहली क्रिटिकैलिटी का मतलब किसी न्यूक्लियर रिएक्टर के पहली बार ऐसी स्थिति में पहुंचने से है, जब न्यूक्लियर चेन रिएक्शन खुद-ब-खुद लगातार चलती रहती है। इस स्थिति में पहुंचने यानी देश के न्यूक्लियल ट्रांसफॉर्मेशन का भेल को भी फायदा मिल सकता है। कंपनी ने अपनी साल 2025 की सालाना रिपोर्ट में कहा था कि साल 2027 तक 100 गीगावाट के राष्ट्रीय लक्ष्य और साल 2033 तक छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर्स के डेवलपमेंट के लक्ष्यों में अपना योगदान देने के लिए भेल बेहतर स्थिति में है।

एक साल में कैसी रही भेल के शेयरों की चाल?

भेल के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई थी। पिछले साल 29 अगस्त 2025 को बीएसई पर यह ₹205.20 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 5 ही महीने में यह 49.05% उछलकर 7 जनवरी 2026 को ₹305.85 के भाव पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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