Share Market Rally: भारतीय शेयर बाजारों में आज 26 मई को लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 771.16 अंक या 0.94 फीसदी बढ़कर 82,492.24 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं निफ्टी 226 अंकों की छलांग लगाकर एक बार फिर 25,000 के पार पहुंच गया। सभी सेक्टोरल इंडेक्स में भी हरियाली छाई रही। वहीं सबसे अधिक तेजी ऑटो शेयरों में देखने को मिली। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि इस तेजी के पीछे कुल 7 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वजहें रहीं। आइए इन्हें एक-एक जानते हैं-
1. अमेरिका-यूरोप टैरिफ विवाद में राहत
शेयर बाजार में आज की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह यह रही कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन से सामानों पर 50% का नया टैरिफ लगाने की योजना को फिलहाल के लिए टाल दिया है। इससे ग्लोबल ट्रेड टेंशन को लेकर चिंता कम हुई और शेयर बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट लौटा। अब अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बातचीत की नई समयसीमा 9 जुलाई तय की गई है। इस ऐलान से निवेशकों को राहत मिली है।
शेयर बाजार के लिए दूसरी सबसे अच्छी खबर, घरेलू मोर्चे पर आई। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने रविवार को पुष्टि किया कि भारत अब जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत की जीडीपी का साइज अब 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। इस खबर ने शेयर बाजार के मूड को और भी बेहतर बना दिया। नीति आयोग ने कहा कि भारत की इकोनॉमी फंडामेंटल रूप से मजबूत बनी हुई है और ग्लोबल माहौल लगातार देश के लिए अनुकूल होता जा रहा है।
3. RBI का रिकॉर्ड डिविडेंड
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025 के लिए सरकार को 2.69 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड डिविडेंड देने का ऐलान किया है। यह रकम पिछले साल से 27% ज्यादा है। इससे सरकार की फाइनेंशियल स्थिति को मजबूती मिलेगी। खासतौर से ऐसे समय में जब भू-राजनीतिक तनाव और डिफेंस सेक्टर के खर्च बढ़ रहे हैं।
4. एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत
एशियाई बाजारों में जारी तेजी से भी आज की रैली को सपोर्ट मिला। साउथ कोरिया जापान का निक्केई इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं शंघाई और हांग कांग के शेयर बाजारों में थोड़ी कमजोरी रही।
5. विदेशी निवेशकों की खरीदारी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) की ओर से लगातार खरीदारी भी बाजार को सपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने शुद्ध रूप से 1,794.59 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विदेशी फंड की लगातार खरीदारी इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशक भारत की ग्रोथ स्टोरी में भरोसा जता रहे हैं।
6. मानसून का समय से पहले आगमन
दक्षिण-पश्चिम मानसून शनिवार 24 मई को केरल के तट पहुंचा, जो तय समय से करीब आठ दिन पहले था। पिछले 16 सालों में पहली बार मानसून का इतना जल्दी आगमन हुआ है। देश की एग्रीकल्चर इकोनॉमी में मानसून का काफी अहम योगदान होता है। देश की करीब आधी कृषि योग्य जमीन बारिश पर निर्भर है। समय से पहले आगमन ने खरीफ की अच्छी फसल और ग्रामीण इलाकों में मांग में सुधार की उम्मीदें जगाई हैं।
7. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें
RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की अगली बैठक में ब्याज दरों में एक और कटौती ने भी मार्केट को मूड को बेहतर बनाया है। मनीकंट्रोल के एक पोल के मुताबिक, अर्थशास्त्री 6 जून को होने वाली RBI की पॉलिसी मीटिंग में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह रेपो रेट में लगातार तीसरी कटौती। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में भी आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की थी।
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