Wipro Share Price: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो के शेयर आज इंट्रा-डे में आज 4 फीसदी से अधिक उछल गए। हालांकि इसके भाव में एक तरफ का रुझान नहीं दिख रहा है क्योंकि तेजी के बावजूद एनालिस्ट्स इसे लेकर तेजी से बेयरेश हो रहे हैं। पिछली तिमाही इसकी सेल रेटिंग में तेजी से इजाफा हुआ और सेल कॉल की संख्या 19 से बढ़कर 23 पर पहुंच गई। वहीं खरीदारी की कॉल 7 से बढ़कर 12 ही पहुंची जबकि होल्ड कॉल 13 पर स्थिर बनी रही। वहीं शेयरों के चाल की बात करें तो इस महीने विप्रो के शेयर डेढ़ फीसदी के करीब मजबूत हुए हैं और पिछली तिमाही में यह 5 फीसदी मजबूत हुआ था।
आज की बात करें तो BSE पर यह 3.88 फीसदी की बढ़त के साथ 549.45 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.30 फीसदी उछलकर 551.70 रुपये के भाव पर पहुंच गया था। पिछले साल 26 अक्टूबर 2023 को यह एक साल के निचले स्तर 375 रुपये और 19 जुलाई 2024 को एक साल के हाई 580 रुपये पर था।
Wipro के शेयरों पर क्यों हो रहे एनालिस्ट्स बेयरेश?
विप्रो के रेवेन्यू में उम्मीद से सुस्त ग्रोथ के चलते ही ब्रोकरेजेज विप्रो को लेकर बेयरेश हो रहे हैं। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4.6 फीसदी उछलकर 3003 करोड़ रुपये पर पहुंच गया लेकिन इसका कंसालिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 3.8 फीसदी गिरकर 21,964 करोड़ रुपये पर आ गया। हेल्थ, एनर्जी, नेचुरल रिसोर्सेज और मैनुफैक्चरिंग वर्टिकल्स में तिमाही आधार पर 0.7-6.5 फीसदी की गिरावट आई। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक एनर्जी, यूटिलिटीज और मैनुफैक्चरिंग वर्टिकल्स में सितंबर तिमाही में भी दबाव दिख सकता है।
बीएनपी पारिबास के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 की कमजोर शुरुआत और अब सितंबर तिमाही के भी कमजोर नतीजे से दूसरी बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले इसके रेवेन्यू ग्रोथ पर दबाव बना रहेगा। अधिकतर ब्रोकरेजेज का मानना है कि सितंबर तिमाही में इसका रेवेन्यू लगभग फ्लैट रहने वाला है जिसमें सिर्फ बड़े डील से ही हल्की तेजी दिख सकती है। कंपनी ने भी जून तिमाही में सितंबर तिमाही के लिए जो अनुमान जाहिर किया था, उसके मुताबिक कॉन्स्टैंट करेंसी टर्म में तिमाही आधार पर इसके रेवेन्यू में 1 फीसदी की गिरावट आ सकती है या तेजी। सिटी रिसर्च ने इसे 495 रुपये के टारगेट प्राइस पर सेल रेटिंग दी है।
उम्मीद की किरण: एआई और बड़ी डील
विप्रो की रेटिंग में कटौती के बावजूद कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि बड़ी डील और एआई से जुड़े प्रोजेक्ट के चलते इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिल सकता है। कंपनी जेनेरेटिव एआई (GenAI) इनिशिएटिव्स में भारी निवेश कर रही है। कंपनी के सीईओ श्रिनी पालिया के मुताबिक कंपनी कई लेवल पर एंप्लॉयीज को एआई में प्रशिक्षित कर रही है। इसका फोकस सर्विस डिलीवरी में एआई के इस्तेमाल, एआई-स्पेशिफिक बिजनेस स्ट्रीम बनाने पर है और इसे सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने पर है। इसके अलावा रुपये की गिरावट और ओवरऑल लागत पर सख्त नियंत्रण से उम्मीद है।
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