शेयर ट्रेडिंग में पुरुष के मुकाबले महिला ट्रेडर्स को होता है कम लॉस, जानिए SEBI के इस सर्वे के नतीजों की क्या है सच्चाई

शेयर ट्रेडिंग में पुरुष और महिला ट्रेडर्स के प्रदर्शन पर SEBI का एक दिलचस्प सर्वे आया है। इसमें बताया गया है कि महिला ट्रेडर्स के लॉस का अनुपात पुरुषों के मुकाबले कम होता है। लेकिन, इस स्टडी की तह में जाने पर दिलचस्प जानकारी सामने आई है

अपडेटेड Jul 30, 2024 पर 6:58 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
इस स्टडी से यह भी पता चलता है कि शादी ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफा कमाने में मददगार है।

क्या शेयरों से मुनाफा कमाने के मामले में पुरुषों से आगे हैं महिलाएं? सेबी के एक सर्वे से यह संकेत मिला है। लेकिन, इस बारे में मार्केट से जुड़े लोगों से बात करने पर पता चला कि इसकी वजह टैक्सेशन से जुड़े बेनेफिट हैं। सेबी के हाल में आए इस सर्वे के मुताबिक इंट्रा डे ट्रेड में महिलाओं के लॉस का अनुपात पुरुषों के मुकाबले कम है। लेकिन, दूसरे एंगल से देखने पर यह डेटा अलग तथ्य का संकेत देता है। मनीकंट्रोल ने इस बारे में कुछ मार्केट प्लेयर्स से बातचीत की।

पुरुष महिला के डीमैट अकाउंट का करते हैं इस्तेमाल

मार्केट प्लेयर्स का कहना था कि कई पुरुष ट्रेडर्स टैक्स बचाने के लिए ऐसे डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं जो उनकी पत्नियों या मां के नाम से ओपन किए गए हैं। इसलिए ट्रेडिंग में जिस हुनर का इस्तेमाल होता है वह पुरुषों का होता है। उदाहरण के लिए किसी व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम काफी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि इसमें उसकी सैलरी इनकम के साथ ट्रेडिंग इनकम शामिल हो सकती है।


महिला ट्रेडर्स के लॉस उठाने का अनुपात कम

पत्नी या मां के नाम से ओपन किए गए डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल करने से ट्रेडर की कुल टैक्सेबल इनकम घट जाती है, क्योंकि कई महिलाओं को सैलरी से इनकम नहीं होती है। सेबी की स्टडी के मुताबिक, FY19 से पुरुष ट्रेडर्स के मुकाबले महिला ट्रेडर्स के लॉस का अनुपात कम रहा है। FY23 में लॉस उठाने वाली महिला ट्रेडर्स का अनुपात 66 फीसदी था, जबकि लॉस उठाने वाले पुरुष ट्रेडर्स का अनुपात 72 फीसदी था। इसी तरह प्रॉफिट कमाने वाली महिला ट्रेडर्स का अनुपात FY23 में 23 फीसदी था, जो प्रॉफिट कमाने वाले पुरुष ट्रेडर्स के 28 फीसदी अनुपात से ज्यादा है।

शादी ट्रेडिंग में ज्यााद मुनाफा कमाने में मददगार

इस स्टडी से यह भी पता चलता है कि शादी ट्रेडिंग से ज्यादा मुनाफा कमाने में मददगार है। यह भी बताया गया है कि विवाहित ट्रेडर्स का न सिर्फ लॉस का अनुपात कम होता है बल्कि उनके प्रॉफिट का अनुपात भी ज्यादा होता है। इस बारे में मार्केट की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह शादी नहीं बल्कि उम्र और बुद्धिमानी है। ज्यादा उम्र के ट्रेडर्स डेरेवेटिव ट्रेडिंग में सावधानी बरतते हैं जबकि युवा ट्रेडर्स ज्यादा फिक्र नहीं करते हैं।

यह भी पढ़ें : Stock Market में बना रिकॉर्ड, पहली बार 5.5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंची BSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट वैल्यू

शादी नहीं अनभव है असल वजह

सैमको सिक्योरिटीज के प्रेसिडेंट और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर निलेश शर्मा ने कहा कि आम तौर पर लोग 30 की उम्र में शादी करते हैं। इस उम्र तक व्यक्ति को काफी अनुभव हो जाता है। इसके वजह से उन्हें कम लॉस और ज्यााद प्रॉफिट होतो है। यही बात युवा ट्रेडर्स के साथ है, जिनके लॉस का अनुपात अनुभवी ट्रेडर्स के मुकाबले कम होता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।