Zee Entertainment Share Price: जी एंटरटेनरमेंट के शेयरों में आज 9 जनवरी को शेयर मार्केट खुलते ही 10% की भारी गिरावट आई। यह गिरावट इस खबर के बाद आई है कंपनी की जापान की दिग्गज एंटरटेनमेंट कंपनी सोनी (Sony) के साथ 10 अरब डॉलर के मर्जर की डील टूट सकती है। सोनी और ZEE ने करीब 2 साल ने भारत में अपने कारोबार को मर्ज करने के लिए एक समझौता किया था। हालांकि अब ऐसी जानकारी आ रही है सोनी इस डील पर आगे नहीं बढ़ने का विचार कर रही है।
आंकड़े बताते हैं कि आज 9 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंजों पर Zee एंटरनेटमेंट के करीब 1.35 करोड़ शेयरों या 1.4 फीसदी हिस्सेदारी का लेनदेन हुआ। इन शेयरों को 252 रुपये के औसत भाव पर बेचा गया।
Zee एंटरनेटमेंट के शेयरों में पिछले 6 महीने में बस 6 फीसदी की तेजी आई है। जबकि इसके मुकाबले निफ्टी का मीडिया इंडेक्स पिछले 6 महीने में करीब 10 फीसदी बढ़ा है। सोनी के साथ डील पर अनिश्चितता इसके शेयरों के कमजोर प्रदर्शन का मुख्य कारण रही।
क्यों टूट रही है Zee-Sony की डील?
ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि Sony की ओर से डील को रद्द करने की मुख्य वजह ZEE के CEO पुनीत गोयनका को मर्जर वाली इकाई का बॉस बनाने का प्रस्ताव है। डील को लेकर 2021 में समझौता हुआ था, जिसमें गोयनको को नई इकाई का बॉस बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, सोनी अब गोयनका को मर्जर वाली इकाई का CEO नहीं बनाना चाहती है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि सोनी की योजना 20 जनवरी से पहले टर्मिनेशन नोटिस फाइल करने की है। दोनों कंपनियों के मर्जर के लिए समयसीमा को बढ़ाकर 20 जनवरी कर दिया गया था। समयसीमा बढ़ाने को लेकर जारी बयान में कहा गया था कि मर्जर के लिए जरूरी शर्तें पूरी नहीं होने के कारण यह समयसीमा बढ़ाई जा रही है।
एक सूत्र ने बताया कि गोयनका खुद को मर्जर वाली इकाई का CEO नियुक्ति किए जाने की शर्त पर अड़े हए हैं, जैसा कि दोनों कंपनियों के बीच शुरू में तय हुआ था। पिछले कुछ हफ्तों में इस मसले पर कई लंबी बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन CEO के मसले पर गतिरोध को दूर नहीं किया जा सका। बहरहाल, सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अभी भी जारी है और हो सकता है कि समयसीमा से पहले ऐसा कोई समाधान निकल आए, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो।