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Zerodha ने Kite में जोड़ा नया फीचर, IPO लॉक-इन को कर सकेंगे ट्रैक; जानिए कैसे मिलेगा फायदा

Zerodha ने Kite प्लेटफॉर्म पर IPO लॉक-इन एक्सपायरी ट्रैक करने का नया फीचर जोड़ा है। इससे निवेशक लिस्टिंग के बाद संभावित बिकवाली, शेयर सप्लाई बढ़ने और कीमतों में वोलैटिलिटी को पहले से समझकर बेहतर निवेश निर्णय ले सकेंगे। जानिए डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Jan 08, 2026 पर 5:23 PM
Zerodha ने Kite में जोड़ा नया फीचर, IPO लॉक-इन को कर सकेंगे ट्रैक; जानिए कैसे मिलेगा फायदा
मार्केट के जानकार IPO के बाद लॉक-इन एक्सपायरी को एक अहम इवेंट मानते हैं।

दिग्गज स्टॉक ब्रोकिंग फर्म Zerodha ने अपने Kite ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर एक नया डेटा प्वाइंट जोड़ा है। इसके जरिए निवेशक अब IPO के लॉक-इन एक्सपायरी टाइमलाइन को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। इसका मकसद यह समझने में मदद करना है कि किसी नए लिस्ट हुए शेयर में लिस्टिंग के बाद कीमत पर दबाव कब और क्यों आ सकता है।

IPO में लॉक-इन का मतलब क्या है

Zerodha के फाउंडर और CEO नितिन कामत (Nithin Kamath) ने एक सोशल पोस्ट में बताया कि IPO में शेयरहोल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा लिस्टिंग के बाद भी तुरंत बाजार में नहीं आ पाता।

आमतौर पर प्रमोटर्स, शुरुआती निवेशक और कर्मचारी जिनके पास ESOP होते हैं, उनके शेयर कुछ समय के लिए लॉक-इन रहते हैं। यह लॉक-इन पीरियड 30 दिन से लेकर 18 महीने तक का हो सकता है।

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