चक्रवात बिपरजोय ने गुजरात में मचाया कहर, तस्वीरों में देखें तबाही का मंजर

चक्रवात बिपरजोय गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र के इलाकों से होता हुआ गुजरा है। इस दौरान इस चक्रवात की वजह से इन इलाकों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला। इन इलाकों में बिपरजोय चक्रवात की वजह से तेज हवाओं और भारी बारिश का सामना भी करना पड़ा। हवा की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा की रही थी। कई सारे इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की वजह से पेड़ और खंभे भी गिर गए। जबकि निचले इलाकों में समुद्र का पानी भी घुस गया। आइये तस्वीरों के जरिए बिपरजोय तूफान के मंजर को देखने और समझने की कोशिश करते हैं।

अपडेटेड Jun 16, 2023 पर 16:56
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चक्रवात बिपरजोय गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र के इलाकों से होता हुआ गुजरा है। इस दौरान इस चक्रवात की वजह से इन इलाकों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला
चक्रवात बिपरजोय गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र के इलाकों से होता हुआ गुजरा है। इस दौरान इस चक्रवात की वजह से इन इलाकों में तबाही का मंजर भी देखने को मिला

गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र में देखने को मिला सबसे ज्यादा असर
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि बिपरजोय तूफान गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र इलाकों को छूते हुए गुजरा है। इस तूफान ने अपने पीछे तबाही के भारी निशान छोड़े हैं। इस दौरान इन इलाकों में भारी बारिश और तेज रफ्तार से हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिला।

कच्छ जिले में हुई भारी बारिश
एक अधिकारी ने बताया कि 15 जून की शाम साढ़े छह बजे चक्रवात के जखाऊ बंदरगाह के पास दस्तक देने के बाद से समूचे कच्छ जिले में भारी बारिश हुई और यह बरसात तड़के ढाई बजे तक जारी रही।

140 KM की रफ्तार से चल रही थीं हवाएं
बिपरजोय तूफान की वजह से हवाओं की रफ्तार भी 140 KM प्रति घंटे से ज्यादा की रही थी। जिस वजह से इससे प्रभावित इलाकों में कई सारे पेड़ और खंभे भी उखड़ गए। वहीं निचले इलाकों में बसे गांवों में समुद्र का पानी भी घुस गया।

कम हुआ है तूफान का असर
जमीन से टकराने के बाद बिपरजोय तूफान की तीव्रता 'बहुत गंभीर' से 'गंभीर' की श्रेणी में आ गई है। अब यह तूफान नॉर्थ-ईस्ट की तरफ बढ़ गया है। वहीं इसकी तीव्रता में भी कमी आ गई है। अधिकारी ने कहा कि शाम तक दक्षिण राजस्थान के ऊपर एक दबाव का क्षेत्र बन जाएगा।

क्या अपडेट दिया था IMD ने (Image Sorce: ANI)
गुजरात तट के पास पहुंचने के दौरान चक्रवात 13 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा। आईएमडी ने कहा कि लैंडफॉल के दौरान हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 140 किमी प्रति घंटा थी।

चलाया जा रहा राहत और बचाव का काम (Image Sorce: ANI)
अधिकारियों ने कहा कि नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की कई टीमों के साथ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान चल रहा है।

गुजरात के सीएम ने भी की समीक्षा
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। राज्य सरकार ने कहा कि उसने आठ प्रभावित जिलों में 631 चिकित्सा दल और 504 एम्बुलेंस तैनात किए हैं। इसने कहा कि 15 जून की शाम तक इसने आठ तटीय जिलों में रहने वाले 94,000 से अधिक लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में स्थानांतरित कर दिया।

आर्मी भी लगी है बचाव कार्य में
अधिकारियों ने कहा कि NDRF और SDRF की टीमों के अलावा, इंडियन आर्मी, इंडियन नेवी, इंडियन एयर फोर्स, तटरक्षक बल और सीमा सुरक्षा बल (BSF) को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून की रात सीएम पटेल से फोन पर बात की और लैंडफॉल के बाद राज्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली।