Himachal Travel: इस महीने भूलकर भी ना करें इन जगहों की यात्रा, जान को जोखिम में ना डालें

Himachal Travel: प्राकृतिक आपदाएं टूरिस्ट को तौर पर आपकी यात्रा को खराब कर सकती हैं। कई दिनों तक बिना किसी सहायता के पहाड़ों में फंसे रहना काफी जोखिम से भरा काम है। ऊंचे-ऊंच पर्वस चोटियों में नेचर का आनंद लेना हर सीजन में पॉसिबल नहीं होता। जहां बरसात कहर बनकर पानी बरसाती है। भले ही सोशल मीडिया पर ये जगहें अभी आपको आकर्षित कर रही हों लेकिन जान है तो जहां है। ऐसे में भूलकर भी इन जगहों की यात्रा करने का प्लान अभी ना बनाएं।

अपडेटेड Mar 07, 2024 पर 10:22
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हिमाचल प्रदेश के उत्तर में बसा चंबा बेहद ही खूबसूरत है। पीर पंजाल और धौलाधार के बीच बसी चंबा घाटी काफी ऐतिहासिक है। यहां खजियार और डलहौजी जैसी वर्ल्ड फेमस जगहें हैं। लेकिन इन दिनों बर्फ से घिरी ये घाटी बर्फीले तूफानों की चपेट में है। हिमस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में अभी यहां जाना सुरक्षित नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के उत्तर में बसा चंबा बेहद ही खूबसूरत है। पीर पंजाल और धौलाधार के बीच बसी चंबा घाटी काफी ऐतिहासिक है। यहां खजियार और डलहौजी जैसी वर्ल्ड फेमस जगहें हैं। लेकिन इन दिनों बर्फ से घिरी ये घाटी बर्फीले तूफानों की चपेट में है। हिमस्खलन का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसे में अभी यहां जाना सुरक्षित नहीं है।

हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जिला लाहौल और स्पीति काफी खूबसूरत ग्लेशियर्स और बड़ी-बड़ी पर्वत चोटियों के लिए जाना जाता है। कई खतरनाक दर्रे इस जिले में हैं। जांस्कर और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा ये जिला साल के 12 महीने बर्फ की चादर ओढ़े रहता है। हालांकि गर्मियों में यहां की यात्रा करना ज्यादा आसान रहता है। इन दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद से फिर एक बार यहां के वासी बाकि दुनिया से अलग-थलग हो गए हैं। ऐसे में हिमस्खलन के खतरे की वजह से यहां के रास्ते बंद हैं। ऐसे में यहां की यात्रा का भूलकर भी प्लान ना बनाएं।

हिमाचल प्रदेश का कुल्लू जिला लगातार लोगों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। देश और दुनिया से आए लोग मनाली, कसौल, मलाणा, सोलंग जैसी जगहों का आनंद लेना पसंद करते हैं। जहां स्थानीय वासी बर्फबारी के आने के बाद से प्रकृति के खतरों को जानते हैं वहीं यात्री अकसर इन खतरों से अनजान रहते हैं। ऐसे में कुल्लू का प्लान अभी एक महीने के लिए स्थगित कर दें।

हिमाचल प्रदेश का किन्नौर तिब्बत से अपनी सीमा को साझा करता है। कई आदिवासी समूहों का घर किन्नौर अपने खतरनाक रास्तों के लिए जाना जाता है। किन्नौर में होने वाली भयानक बर्फबारी यहां के सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर देती है। ऊंचे-सीधे पहाड़ और पथरीले रास्ते यहां की दुर्गमता को बढ़ाते हैं। ऐसे में आप भी सावधानी बरतते हुए इस जिले की यात्रा ना करें।

हिमाचल प्रदेश की रानी शिमला, जो हमेशा से ही ब्रिटिशर्स के दिल के बेहद करीब रही है। लोगों को शिमला आकर जाखू, कुफरी जैसी जगहों पर घूमना बेहद पसंद है। एडवेंचर और इतिहास का परफेक्ट कॉकटेल शिमला हिमस्खलन की वजह से खतरों से भर गई है। बर्फ की वजह से सड़कों पर बढ़ने वाली फिसलन आवाजाही को और भी दुर्गम बना देती है। ऐसे में शिमला की यात्रा को अपनी बकेट लिस्ट से अभी टाटा-बाय-बाय कह दें।