गर्मियों में घर पर आसानी से बना सकते हैं ये 10 टेस्टी ड्रिंक्स, हीटवेव और बीमारियों दोनों से रहेंगे दूर

गर्मियों का महीना शुरू हो गया है। अप्रैल के महीने में ही सूरज ने ज्यादातर मैदानी इलाकों को तपाना शुरू कर दिया है और अभी मई और जून की प्रचंड गर्मियों का आना बाकी है। गर्मियों के वक्त हमारे शरीर को पानी या फिर हाइड्रेशन की काफी जरूरत पड़ती है। ऐसे में हमारा मन में काफी सारे टेस्टी ड्रिंक्स को देख कर लालच तो आता है पर बाजार में मिलने वाले ज्यादातर ड्रिंक्स शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आप घर पर ही कुछ बहुत सारे टेस्टी और हेल्दी ड्रिंक्स को बना कर उनका सेवन कर सकते हैं। आइये डालते हैं एक नजर ऐसे ही 10 ड्रिंक्स पर।

अपडेटेड Apr 15, 2023 पर 17:35
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आप घर पर ही बहुत सारे टेस्टी और हेल्दी ड्रिंक्स को बना कर उनका सेवन कर सकते हैं
आप घर पर ही बहुत सारे टेस्टी और हेल्दी ड्रिंक्स को बना कर उनका सेवन कर सकते हैं

आम पन्ना
आम पन्ना उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के सबसे फेमस पेय व्यंजनों यानी ड्रिंक्स में से एक है। खान-पान विशेषज्ञ पुष्पेश पंत बताते हैं कि पन्ना शब्द संस्कृत के पनिया से निकला है जिसका शाब्दिक अर्थ पुनर्जलीकरण यानी पानी की कमी को पूरा करना होता है। इस ड्रिंक को कच्चे आम और कई सारी जड़ी बूटियों और मसाले से तैयार किया जाता है। यह स्वादिष्ट पेय हमारे शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के साथ ही साथ लू लगने जैसी समस्याओं से बचाता भी है। आम पन्ना पाचन में सुधार करता है क्योंकि यह फाइबर और विटामिन बी से भरपूर होता है जो आंतों को साफ करता है। इसे बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप कच्चे आम के गूदे को अपनी पसंद के अनुसार पानी में मिलाएं और ब्राउन शूगर, नमक, पुदीने की पत्तियां और भुने हुए जीरे के पाउडर आपस में मिलाकर इसे तैयार कर लें।

जल जीरा
शायह की कोई ऐसा होगा जिसने जल जीरा का नाम नहीं सुना हो। जल जीरा अमचूर, काला नमक, जीरा, अदरक और नींबू को मिलाकर बनाया जाता है। ये मसाले गर्मी के दिनों में आपको तरो ताजा रखने में मदद करते हैं। अक्सर आपने बाजारों में मटके के चारों तरफ कपड़ा लपेटे और ढेर सारी पुदीने की पत्तियों के साथ जल जीरा बेचने वालों को देखा होगा। जल जीरा में मिला हुआ काला नमक डाइजेशन को सही रखता है और ताजा पुदीना हमारे शरीर को ठंडक पहुंचाता है।

सोल कढ़ी (Iamge source: Youtube)
यह ड्रिंक नारियल के दूध, मसालों और कोकम से तैयार की जाती है। इसे ज्यादातर गोवा और महाराष्ट्र के इलाकों में पिया जाता है। कोकम फल बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में उगाया जाता है। अगर आप मसालेदार खाना खाते हैं तो सोल कढ़ी आपके पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है। कोकम एसीडिटी के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि आपको इस पेय की लत भी लग सकती है।

सत्तू का शर्बत
सत्तू का शर्बत खास तौर पर बिहार में काफी ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाता है। इसे सत्तू जो कि कई सारे अनाजों को पीस कर बनाया जाता उसे पानी में घोल कर तैयार कर सकते हैं। सत्तू के शर्बत को भुने जीरे के पाउडर, नींबू के रस, बारीक कटी हरी मिर्च, प्याज और काले नमक से तैयाक किया जाता है। यह एक हाई प्रोटीन वाला पेय पदार्थ है। साथ ही यह आपको काफी मात्रा में पोषण देने के साथ ही ठंडक भी प्रदान करता है।

रागी अंबली (Iamge source: Youtube)
रागी अंबाली को कर्नाटक में काफी इस्तेमाल में लाया जाता है। इसे रागी के आटे को पानी में पकाकर और फिर इसे ठंडा करके इसमें जीरा पाउडर, नमक और कटे हुए प्याज के साथ पतली फेंटी हुई दही या फिर छाछ के साथ तैयार करते हैं। ड्रिंक के ऊपर सरसों और करी पत्ते का तड़का भी लगाया जाता है। इसे दूध और गुड़ के साथ भी तैयार किया जाता है।

छाछ/ मट्ठा या छास
छाछ या छास पूरे भारत में समान रूप से लोकप्रिय है। इसे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में छाछ कहते हैं तो वहीं केरल में इसे सांभरम, तमिलनाडु में मोरू और आंध्र प्रदेश में इसे मज्जिगा के रूप में जाना जाता है। यह हमारे शरीर को ठंडक प्रदान करके के साथ साथ हमारी इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।

गोंधराज घोल (Iamge source: Youtube)
इसे बंगाल में लोग काफाी शौक से पीते हैं। इस क्लासिक बंगाली ड्रिंक को ताजा दही, चीनी, काला नमक और ठंडे पानी के साथ तैयार किया जाता है। यह गोंधराज चूने का गूदेदार रस होता है। इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट और प्रोबायोटिक बैक्टीरिया प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

कोकम शरबत
कोकम हमारे पाचन को शांत रखता है साथ ही खून में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी मेंटेंन रखता है। इसके शरबत को कोकम, जीरा और काले नमक से तैयार किया जाता है। यह हमारे शरीर को ठंडक देने के साथ ही साथ पोषण भी प्रदान करता है।

बेल का शर्बत
बेल का शर्बत गर्मियों में काफी ज्यादा पिया जाता है। कहा जाता है कि बेल/बेल शरबत हीटस्ट्रोक और पेट की खराबी से लेकर डिहाइड्रेशन और डायबिटीज तक सब कुछ ठीक करता है। इसे बेल के गूदे को पानी में घोल कर तैयार किया जाता है। बेल गर्मियों में अत्यधिक हाइड्रेटिंग होता है। फलों में मौजूद विटामिन बी और सी और बीटा कैरोटीन शरीर में आम बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं। आप इसे और भी पौष्टिक बनाने के लिए इसमें कुछ जीरा पाउडर और काला नमक मिला सकते हैं।

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पनागम
यह पेय पदार्थ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के हिस्सों में काफी पीया जाता है। इसे ज्यादातर शादियो में पीया जाता है। संस्कृत में इस शब्द का मतलब होता है मीठा पेय। एक तरह से यह पानी में गुड़ को घोल कर बनाया जाने वाला मीठा शर्बत है। इसे गुड़, कुटी हुई इलायची, सोंठ पाउडर और काली मिर्च के साथ तैयार किया जाता है।