RSS प्रमुख ने कहा कि यह सर्वविदित है कि राम सर्वव्यापी हैं तथा हमें अपने बीच ही समन्वय करना होगा। उन्होंने कहा कि धर्म का पहला सत्य आचरण ही एकजुट रहना है। भागवत ने कहा कि करुणा दूसरा आचरण है। उन्होंने लोगों से कहा कि जो कुछ भी अर्जित किया जाता है उसका न्यूनतम हिस्सा अपने लिए रख कर शेष को परमार्थ के लिए देना चाहिए
अपडेटेड Jan 22, 2024 पर 05:56 PM