सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) द्वारा 12 मई को भारत के इंडस्ट्रियल ग्रोथ के आंकड़े जारी किये गये। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (Index of Industrial Production (IIP) के अनुसार भारत की इंडस्ट्रियल ग्रोथ मार्च में बढ़कर 1.9 प्रतिशत हो गई, जो कि पिछले महीने यानी कि फरवरी में 1.5 प्रतिशत थी।
आईआईपी के कुल भार का 40.3 प्रतिशत हिस्सा आठ कोर इंडस्ट्रीज से आता है। आईआईपी के अनुसार इंडस्ट्रियल ग्रोथ इन कोर सेक्टर्स के प्रदर्शन को ट्रैक करता है।
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च IIP 1.9% रही जबकि इसके 2.04% रहने का अनुमान था। वहीं मासिक आधार मार्च में बढ़ोत्तरी देखने को मिली और मार्च IIP 1.5% से बढ़कर 1.9% हो गई।
सबसे अहम माने जाने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 28.4% से घटकर 0.9% रही।
वहीं एक और अति महत्वपूर्ण सेक्टर माइनिंग सेक्टर के आंकड़ों को देखने पर पता चलता है कि सालाना आधार पर माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 6.1% से घटकर 4% रही।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के आंकड़ों पर नजर डालें तो सालाना आधार पर नॉन कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ग्रोथ 29.2% से घटकर -5.0% रही जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ग्रोथ 59.9% से घटकर -3.2% रही।
इंफ्रास्ट्रक्चर गुड्स की बात करें तो सालाना आधार पर इंफ्रा गुड्स ग्रोथ 35.1% से घटकर 7.3% रही वहीं सालाना आधार पर इंटरमीडियट गुड्स ग्रोथ 22.4% से घटकर 0.6% रही।
कैपिटल गुड्स के आंकड़ों पर ध्यान दें तो सालाना आधार पर कैपिटल गुड्स ग्रोथ 50.4% से घटकर 0.7% रही। वहीं सालाना आधार पर प्राइमरी गुड्स ग्रोथ 7.9% से घटकर 5.7% रही।
इलेक्ट्रिसिटी के लिहाज से सरकार के आंकड़ों पर नजर डालें तो सालाना आधार पर इलेक्ट्रिसिटी ग्रोथ 22.5% से घटकर 6.1% रही।