गुजरात को Tesla के आने की उम्मीद, लेकिन स्पेशल ट्रीटमेंट देने से किया इनकार

Tesla Entry in India: गुजरात को उम्मीद है कि एलॉन मस्क (Elon Musk) की टेस्ला (Tesla) राज्य में मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। हालांकि गुजरात ने यह भी जोर देकर कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार (EV) कंपनी को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। गुजरात के माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियन इंडस्ट्रीज मिनिस्टर बलवंतसिंह राजपूत ने खुलासा किया कि टेस्ला के मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने के प्रस्ताव पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है

अपडेटेड Jan 06, 2024 पर 8:44 AM
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Tesla के स्वागत को लेकर गुजरात काफी उत्साह में हैं लेकिन अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि बाकी कंपनियों की तुलना में टेस्ला को कोई खास ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा।

Tesla Entry in India: गुजरात को उम्मीद है कि एलॉन मस्क (Elon Musk) की टेस्ला (Tesla) राज्य में मैनुफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी। हालांकि गुजरात ने यह भी जोर देकर कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार (EV) कंपनी को कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। गुजरात के माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियन इंडस्ट्रीज मिनिस्टर बलवंतसिंह राजपूत ने खुलासा किया कि टेस्ला के मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी सेटअप करने के प्रस्ताव पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने ये बातें अगले हफ्ते होने वाले वाइब्रेंट गुजरात 2024 सम्मेलन में एलॉन मस्क की उपस्थिति पर पूछे गए सवालों के जवाब में कही। उन्होंने संकेत दिया कि टेस्ला की यहां एंट्री को लेकर ऐलान हो सकता है।

नहीं मिलेगा कोई स्पेशल ट्रीटमेंट

टेस्ला के स्वागत को लेकर गुजरात काफी उत्साह में हैं लेकिन अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि बाकी कंपनियों की तुलना में टेस्ला को कोई खास ट्रीटमेंट नहीं दिया जाएगा। राज्य के इंडस्ट्रीज एंड माइन्स डिपार्टमेंट के एडीशनल चीफ सेक्रेटरी एसजे हैदर ने जोर देकर कहा कि गुजरात नीतियों से चलने वाला राज्य है और सिर्फ टेस्ला को बुलाने के लिए इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बता दें कि हाल ही में कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि टेस्ला भारत में अपने पहले मैनुफैक्चरिंग प्लांट के लिए गुजरात आने पर विचार कर रही है और 10-12 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन के दौरान इसकी घोषणा हो सकती है। अभी यहां मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियों के मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं।


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Tesla की एंट्री में इस कारण देरी

एलॉन मस्क की टेस्ला भारतीय मार्केट में लंबे समय से एंट्री की कोशिशें कर रही है। हालांकि इसमें सबसे बड़ी चुनौती पूरी तरह से बनी हुई यूनिट्स यानी CBU (कंप्लीटली बिल्ट यूनिट्स) पर हाई इंपोर्ट ड्यूटी बनी हुई है। एलॉन मस्क लगातार टैक्स घटाने की वकालत करते रहे हैं। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट्स में खुलासा हुआ कि टेस्ला और भारत एक समझौते पर काफी करीब हैं जिसके तहत साल 2024 में टेस्ला भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कार भेजने लगेगी और दो साल के भीतर यहां प्लांट सेट अप करेगी। हालांकि केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि कि बाहर से आने वाली कारों पर टैक्स घटाने पर कोई विचार नहीं हो रहा है।

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