Bangladesh Crisis: भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थिति की निगरानी के लिए केंद्र ने बनाई कमेटी, हिंदुओं की सुरक्षा भी करेगी सुनिश्चित

Bangladesh Crisis: पांच अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर भारत आ जाने के बाद से जारी हिंसा में कई हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है। अवामी लीग से जुड़े कम से कम दो हिंदू नेताओं की हत्या कर दी गई

अपडेटेड Aug 09, 2024 पर 6:18 PM
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Bangladesh Unrest: सूत्रों ने कहा कि बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग अभी भी काम कर रहा है

Bangladesh Crisis: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति गठित करने का ऐलान किया है। 5 सदस्यीय यह समिति बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और वहां रहने वाले अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने का काम करेगी। समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (9 अगस्त) कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने पड़ोसी देश में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थिति की निगरानी के लिए सीमा सुरक्षा बल के एक शीर्ष अधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है।

शाह ने कहा कि समिति बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और वहां रहने वाले अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां के समकक्ष अधिकारियों के संपर्क में रहेगी। शाह ने X पर कहा, "बांग्लादेश में व्याप्त स्थिति के मद्देनजर मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति गठित की है। समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखेगी, ताकि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। समिति की अध्यक्षता ADG (एडिशनल डायरेक्टर जनरल), सीमा सुरक्षा बल (BSF), पूर्वी कमान करेंगे।"

ये हैं सदस्य


पीटीआई के मुताबिक बीएसएफ, एडीजी के अलावा समिति के चार अन्य सदस्यों में दक्षिण बंगाल सीमांत के लिए बीएसएफ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी), त्रिपुरा सीमांत के लिए आईजीपी, भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण (LPAI) के सदस्य (योजना एवं विकास) और एलपीएआई के सचिव शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार 8 अगस्त को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ लेने वाले मोहम्मद यूनुस को शुभकामनाएं दीं और देश में जल्द ही स्थिति सामान्य होने तथा हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई थी।

राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' में आयोजित समारोह में यूनुस को पद की शपथ दिलाई थी। नौकरियों में विवादास्पद आरक्षण सिस्टम को लेकर सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के पीएम पद से इस्तीफा देने और भारत पहुंचने के बाद मंगलवार को यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया था। हसीना अभी भारत में ही हैं।

हिंदुओं को बनाया जा रहा निशाना

हसीना के जाने के बाद, सैकड़ों लोगों ने उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट की। कई हिंदू मंदिरों, घरों और उनके कारखानों में तोड़फोड़ की गई है। इस सप्ताह बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी से जुड़े कम से कम दो हिंदू नेताओं की हिंसा में हत्या कर दी गई।

हसीना के देश से भागने के बाद, बांग्लादेश से मीडिया रिपोर्टों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के अधिक से अधिक मामलों को उजागर किया है, जिसमें सोमवार को लोकप्रिय लोक बैंड जोलर गान के फ्रंटमैन राहुल आनंद के आवास पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और विनाश शामिल है। जानलेवा हमले की वजह से सिंगर उनके परिवार को छिपना पड़ा।

UN ने की निंदा

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं के बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने गुरुवार कहा कि वह नस्ली आधार पर होने वाले किसी भी तरह के हमले या हिंसा भड़काने के खिलाफ हैं। महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा, "यह स्पष्ट है कि हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हाल के सप्ताह में बांग्लादेश में जो हिंसा हो रही है उस पर नियंत्रण पाया जाए। निश्चित रूप से हम नस्ल आधार पर किसी भी तरह के हमले या हिंसा भड़काने के खिलाफ हैं।" वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों के संबंध में महासचिव की प्रतिक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे थे।

नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ दिलाए जाने पर हक ने संयुक्त राष्ट्र की सरकार बनाने की एक समावेशी प्रक्रिया की आशाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद बरकरार रखे हुए हैं। शांति बहाली का कोई भी संकेत एक अच्छी चीज है।"

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जब उनसे पूछा गया कि क्या महासचिव गुतारेस ने यूनुस को बधाई दी है या फोन पर बात की है? तो हक ने कहा कि गुतारेस ने उनसे बात नहीं की है, लेकिन बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र की स्थानीय समन्वयक ग्विन लुईस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हई थीं। हक ने कहा, "निश्चित रूप से, वह और देश की टीम सक्रिय तौर पर यह सुनिश्चित कर रही है कि जमीनी स्तर पर परिवर्तन शांतिपूर्ण हो।"

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