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Bangladesh Protest: बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के बाद फिर तनाव, प्रदर्शनकारियों ने किया तांडव, राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग

Bangladesh Protest: बांग्लादेश में मंगलवार (22 अक्टूबर, 2024) को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोल दिया। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर उनकी हालिया टिप्पणी के लिए राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति फासीवाद के सहयोगी हैं। वह नरसंहार के पक्षधर थे। हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं

Akhileshअपडेटेड Oct 23, 2024 पर 1:09 PM
Bangladesh Protest: बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के बाद फिर तनाव, प्रदर्शनकारियों ने किया तांडव, राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग
Bangladesh Protest: बांग्लादेश के प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन को घेर लिया। उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की

Bangladesh Protest: बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार (22 अक्टूबर, 2024) देर रात राष्ट्रपति भवन 'बंगा भवन' को घेर लिया और राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बंगा भवन पर धावा बोल दिया और राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने शुरू कर दिए जिसके बाद सेना ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को हटाने की मांग की है, क्योंकि उन्होंने अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बारे में "झूठ" बोला था। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एक प्रमुख छात्र संगठन ने ढाका में प्रदर्शन किया।

पिछले सप्ताह एक बांग्ला दैनिक को दिए गए इंटरव्यू में शहाबुद्दीन ने कहा था कि उनके पास इस बात का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है कि अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर जाने से पहले खेश हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हसीना को सत्ता से बेदखल करने के लिए अभियान चलाने वाले भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन ने केंद्रीय शहीद मीनार के पास रैली निकाली और शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शनकारी नसीरउद्दीन पटवारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "राष्ट्रपति फासीवाद के सहयोगी हैं। वह नरसंहार के पक्षधर थे। हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं।" 'शाधिनोता-शोरबोभौमोत्तो रोक्खा समिति' (स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के लिए समिति) के बैनर तले प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने ढाका विश्वविद्यालय परिसर में धरना दिया। इस दौरान शहाबुद्दीन के इस्तीफे की मांग की गई तथा संविधान को समाप्त करने और क्रांतिकारी सरकार के गठन का आह्वान किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने हसीना की अवामी लीग पार्टी और उसके सहयोगियों की राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगाने की भी मांग की। बाद में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास बंगा भवन की ओर मार्च किया। 'डेली स्टार' अखबार ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान दो पत्रकारों सहित कम से कम पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया।

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