Bangladesh Unrest News Updates: बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन हिंसक होने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सोमवार (5 अगस्त) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब पड़ोसी देश में अंतरिम सरकार कार्यभार संभालेगी। बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने सोमवार को यह घोषणा की। उन्होंने राजधानी ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब सेना अंतरिम सरकार बनाएगी। सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बहाली की अपील की है। उन्होंने कहा कि हम हालात काबू में ले आएंगे। आप हम पर भरोसा रखें।
हसीना (Sheikh Hasina) के देश छोड़कर चले जाने की खबरों के बीच वकार-उज-जमां (Waqar-uz-Zaman) ने टेलीविजन पर दिए गए अपने संबोधन में कहा, "मैं (देश की) सारी जिम्मेदारी ले रहा हूं। कृपया सहयोग करें।" ऐसी अपुष्ट खबरें है कि वह (हसीना) भारत के किसी शहर के लिए रवाना हो गई हैं। सेना प्रमुख ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक नेताओं से मुलाकात की और उन्हें बताया कि सेना कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगी।
देश भर में विरोध प्रदर्शनों के बीच जनरल ने कहा कि उन्होंने सेना और पुलिस दोनों से गोली न चलाने को कहा है। जमां ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और हिंसा बंद करने का आग्रह किया। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के बीच सोमवार को इस्तीफा दे दिया और कथित तौर पर देश से बाहर चली गई हैं।
BBC की खबर के अनुसार, हसीना एक हेलीकॉप्टर से त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के लिए रवाना हुई हैं। 'एसोसिएटेड प्रेस' ने बताया कि हसीना ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन कोई अन्य जानकारियां नहीं दी। बहरहाल, विदेश मंत्रालय या अगरतला में स्थानीय अधिकारियों ने इस खबर की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। त्रिपुरा के गृह सचिव पी. के. चक्रवर्ती ने पीटीआई को बताया, "हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है।" कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह नई दिल्ली से लंदन के लिए रवाना हो जाएंगी।
बांग्लादेश में घटनाक्रम के मद्देनजर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारत-बांग्लादेश सीमा के 4,096 किलोमीटर क्षेत्र में सभी यूनिट को 'हाई अलर्ट' किया। अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ के महानिदेशक (कार्यवाहक) दलजीत सिंह चौधरी और वरिष्ठ अधिकारी भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा की समीक्षा के लिए कोलकाता पहुंचे हैं।
निजी टेलीविजन समाचार चैनल 'जमुना' ने बताया कि हसीना को एक विवादित आरक्षण व्यवस्था को लेकर उनकी सरकार के खिलाफ व्यापक प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए विवश होना पड़ा। इस विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के तहत 1971 में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है।
PMO में प्रदर्शनकारियों का तोड़फोड़
समाचार चैनल ने बताया कि हसीना और उनकी छोटी बहन शेख रेहाना एक हेलीकॉप्टर से देश से रवाना हुई हैं। इसके कुछ घंटों बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास में घुस गए। स्थानीय समाचार चैनल में दिखाए गए एक तस्वीर में लोगों को प्रधानमंत्री आवास से सोफे की तरह एक सामान ले जाते हुए देखा जा सकता है। इससे पहले, बांग्लादेश सरकार ने प्रदर्शनकारियों के आम जनता से 'लॉन्ग मार्च टू ढाका' में भाग लेने का आह्वान करने के बाद इंटरनेट को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया।
बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबर रहमान की 76 वर्षीय बेटी हसीना 2009 से सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस दक्षिण एशियाई देश की बागडोर संभाल रही थीं। उन्हें जनवरी में हुए 12वें आम चुनाव में लगातार चौथी बार और कुल पांचवीं बार प्रधानमंत्री चुना गया। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की मुख्य विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और उसके सहयोगियों ने चुनाव का बहिष्कार किया था।
पिछले दो दिनों में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। देश में विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को लेकर उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसके तहत 1971 के मुक्ति संग्राम में लड़ने वालों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत नौकरियां आरक्षित हैं।