Boris Johnson Resign: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दिया इस्तीफा, बोले- पार्टी चाहती है एक नया नेता
Boris Johnson Resign: 40 से ज्यादा मंत्रियों के सरकार छोड़ने और जाने के लिए कहने के बाद, बोरिस जॉनसन ने हार मान ली है। अब कंजर्वेटिव पार्टी अपना नेता चुनेगी, जो बोरिस की जगह प्रधानमंत्री का पद संभालेगा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दिया इस्तीफा
Boris Johnson Resign LIVE Updates: ब्रिटेन में मची राजनीतिक उथल-पुथल (Britain Political Crisis) के बीच अब ये साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) अब PM पद पर नहीं रहेंगे। बोरिस जॉनसन ने कंजर्वेटिव पार्टी (Conservative Party) के नेता के पद (Tory Leader) से इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। डाउनिंग स्ट्रीट (Downing Street) के बाहर के बाहर बोरिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की घोषणा की है।
बोरिस जॉनसन ने अपने संबोधन में कहा कि ये अब साफ हो गया है कि संसदीय कंजरवेटिव पार्टी की इच्छा है कि पार्टी अब एक नया नेता होना चाहिए। साथ ही नया प्रधानमंत्री भी।
नंबर 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर एक संबोधन में बोरिस ने कहा, "नए नेता को चुनने की प्रक्रिया अभी शुरू होनी चाहिए और टाइम टेबल की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं तब तक सेवा करता रहूंगा, जब तक कोई नया नेता नहीं आ जाता।" बोरिस ने कहा, "हमें लेवलिंग करते रहनी चाहिए। यूनाइटेड किंगडम के हर हिस्से की क्षमता को उजागर करते रहना चाहिए। अगर हम ऐसा कर पाते हैं, तो पूरे यूरोप में हम सबसे समृद्ध होंगे।"
उन्होंने कहा, "मुझे अपनी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है, मैं नए नेता के आने तक काम जारी रखूंगा।" जॉनसन का कहना है कि वह नए नेता को जितना हो सके उतना समर्थन देंगे।
40 से ज्यादा मंत्रियों के इस्तीफे से बढ़ा दबाव
AP के मुताबिक, 40 से ज्यादा मंत्रियों के सरकार छोड़ने और जाने के लिए कहने के बाद, बोरिस जॉनसन ने हार मान ली है। अब कंजर्वेटिव पार्टी अपना नेता चुनेगी, जो बोरिस जॉनसन की जगह प्रधानमंत्री का पद संभालेगा।
BBC के मुताबिक, आने वाली गर्मियों में कंजर्वेटिव पार्टी के नेता का चुनाव होगा। इसके बाद अक्टूबर में पार्टी सम्मेलन में नए प्रधानमंत्री का ऐलान होगा, जो बोरिस की जगह लेगा।
24 घंटे में अपनी सरकार में मंत्रियों के रिकॉर्ड इस्तीफे के बाद आज सुबह बोरिस जॉनसन पर दबाव और भी बढ़ गया था। हालांकि, उन्होंने एक के बाद एक इस्तीफों की लहर के बीच पद छोड़ने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब उन्होंने खुद भी इस्तीफा देने का फैसला किया है।
चांसलर नादिम ज़हावी समेत उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने उनसे इस्तीफा देने और 'गरिमा के साथ' पद छोड़ने की अपील की है। ऐसी उम्मीद है कि जॉनसन अपने इस्तीफे के फैसले पर जल्द ही बयान भी देंगे।
जॉनसन ने हासिल की थी ऐतिहासिक जीत
जॉनसन जुलाई 2019 में टोरी नेता का चुनाव जीतने के बाद प्रधान मंत्री बने थे। इसके पांच महीने बाद उन्होंने आम चुनाव में एक ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
उन्होंने "ब्रेक्सिट करवाने" का वादा करते हुए ये चुनाव जीता, लेकिन उनकी सरकार हाल के महीनों में एक साथ कई विवादों में घिरती चली गई। इसमें सबसे बड़ा विवाद था- पार्टीगेट
दरअसल लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने डाउनिंग स्ट्रीट और दूसरी सरकारी बिल्डिंग्स में COVID-19 नियमों के उल्लंघन के लिए कम से कम 50 नए जुर्माना लगाए थे। इसे ही "पार्टीगेट स्कैंडल" के नाम से जाना जाता है।
मार्च के अंत में, पुलिस ने मई 2020 और अप्रैल 2021 के बीच COVID-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों को 20 फिक्स्ड पेनल्टी नोटिस (FPNs) दिए थे। ब्रिटेन के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन, उनकी पत्नी और चांसलर ऋषि सुनक समेत 50 से ज्यादा लोगों के नाम FPN सौंपे गए थे।
कब और क्यों शुरू हुआ मंत्रियों की नाराजगी और इस्तीफों का सिलसिला?
मंत्रियों की नाराजगी और उनके इस्तीफों का सिलसिला सांसद क्रिंस पिंचर को डिप्टी चीफ व्हिप बनाने से जुड़ा है। जॉनसन पर ये आरोप लगे थे कि वह क्रिस पिंचर पर लगे यौन दुराचार के आरोपों के बारे में जानते थे और फिर भी उन्हें सरकारी जिम्मेदारी दी।
हालांकि, बोरिस जॉनसन ने इस मामले में माफी भी मांगी और माना कि पिंचर को डिप्टी चीफ व्हिप बनाने उनकी एक बड़ी गलती थी। मगर जॉनसन के मंत्री और सांसद इतने पर भी नहीं माने।
ब्रिटेन में मंत्रियों के इस्तीफे की शुरुआत वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद के इस्तीफे से हुई थी। दोनों ही नेताओं ने पद छोड़ते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्व में अब उनका भरोसा नहीं है।