कनाडा ने भारत को दिया झटका, इन पोस्ट-ग्रेजुएशन स्टूडेंट्स के लिए वर्क परमिट पर लगाई रोक

इस बदलाव के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट सिर्फ ऐसे लोगों को दिया जाएगा, जिन्होंने सब्सिडी वाले स्टडी प्रोग्राम से ग्रेजुएट किया है। नया नियम 1 सितंबर, 2023 से प्रभावी होगा। इससे प्रांतीय सरकार के सब्सिडाइज्ड कॉलेज और यूनिवर्सिटी पर असर नहीं होगा

अपडेटेड Jun 10, 2022 पर 4:23 PM
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कनाडा के क्यूबेक प्रांत की सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) हासिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं

Canada work permits : कनाडा के प्रांत क्यूबेक ने राष्ट्रीय सरकार के साथ मिलकर एक ऐसा फैसला लिया है, जिसका सीधा असर भारतीय स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। दरअसल प्रांतीय सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) हासिल करने के नियमों को सख्त कर दिया है।

Quebec प्रांत के इमिग्रेशन मिनिस्टर जीन बाउलेट और कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस और सिटीशनशिप मिनिस्टर सीन फ्रेजर ने हाल में “बिना सब्सिडी वाले शैक्षणिक संस्थानों के कुछ ग्रेजुएट्स के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट्स की पहुंच में सख्ती” करने के कदम उठाने का ऐलान किया था।

1 सितंबर, 2023 से लागू होगा नया नियम


एक सरकारी रिलीज के मुताबिक, “इस कदम में पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट सिर्फ ऐसे लोगों को देना शामिल है, जिन्होंने सब्सिडी वाले स्टडी प्रोग्राम से ग्रेजुएट किया है।” नया नियम 1 सितंबर, 2023 से प्रभावी होगा, जिससे प्रांतीय सरकार के सब्सिडाइज्ड कॉलेज और यूनिवर्सिटी पर असर नहीं होगा।

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अंतर्राष्ट्रीय स्टूडेंट्स के बीच बढ़ेगी प्रतिष्ठा

फ्रेजर ने कहा, “क्यूबेक के पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट में बदलाव के अनुरोध से कार्यक्रम की प्रमाणिकता में सुधार होगा। इससे क्यूबेक के निजी संस्थानों को दूसरे प्रांतों के स्तर पर लाया जा सकेगा और इससे हमारी अंतर्राष्ट्रीय स्टूडेंट्स के पसंदीदा विकल्प के रूप में प्रतिष्ठा को मजबूती मिलेगी।”

इस कदम से अंतर्राष्ट्रीय स्टूडेंट्स के लिए अपने कोर्स पूरे करने के बाद वर्क परमिट सिल करना मुश्किल हो जाएगा, जो स्थायी रेजिडेंसी के लिए जरूरी है।

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भारतीय स्टूडेंट्स पर क्यों होगा ज्यादा असर

स्टूडेंट्स पर पड़ने इसके असर को इस बात से भी समझा जा सकता है कि 2016 और 2018 के बीच अनसब्सिडाइज्ड इंस्टीट्यूशंस से स्टडी परमिट हासिल करने वाले विदेशी स्टूडेंट्स की संख्या अनुमानित रूप से 4,900 थी। 2019-21 की अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 11,500 हो गया था। इस आंकड़े में भारतीय स्टूडेंट्स की बड़ी हिस्सेदारी है।

ओपन वर्क परमिट हासिल करने के उद्देश्य से कनाडा उन भारतीय स्टूडेंट्स के लिए सबसे पसंदीदा स्थल है जिन्होंने कनाडा के इलिजिबल संस्थानों से ग्रेजुएशन की है। कई कॉलेज अंतर्राष्ट्रीय स्टूडेंट्स को आकर्षित करने के लिए इसे नॉर्म के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

 

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