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Danish Siddqui Death: 'हम नहीं जानते भारतयी पत्रकार की कैसे हुई मौत', तालिबान ने जताया खेद

तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमें नहीं पता कि पत्रकार किसकी फायरिंग के दौरान मारा गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 18, 2021 पर 9:03 AM
Danish Siddqui Death: 'हम नहीं जानते भारतयी पत्रकार की कैसे हुई मौत', तालिबान ने जताया खेद

तालिबान (Taliban) ने 16 जुलाई को भारतीय फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui) की मौत में अपनी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया। दानिश कंधार में अफगान सुरक्षा बलों के साथ रहते हुए मारे गए थे। CNN-News18 से बात करते हुए, तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, “हमें नहीं पता कि पत्रकार किसकी फायरिंग के दौरान मारा गया था। हम नहीं जानते कि उसकी मौत कैसे हुई।"

उन्होंने सिद्दीकी की मौत पर खेद भी जताया, लेकिन कहा कि पत्रकारों को युद्ध क्षेत्रों में प्रवेश करते समय उन्हें "जानकारी" देनी चाहिए। मुजाहिद ने कहा, "वॉर जोन में एंट्री करने वाले किसी भी पत्रकार को हमें सूचित करना चाहिए। हम उस व्यक्ति विशेष की अच्छी देखभाल करेंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "हमें खेद है कि पत्रकार हमें बिना बताए युद्ध क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी के निधन पर हमें खेद है।"

पुलित्जर पुरस्कार (Pulitzer Prize) विजेता, सिद्दीकी ने रॉयटर्स (Reuters) के साथ काम किया। वह 15 जुलाई को कंधार के स्पिन जिले में हुए संघर्ष को कवर करते हुए मारे गए। ये जिला पाकिस्तान के बॉर्डर पर स्थिति है, जिसे अब तालिबान ने अपने कब्जे में ले लिया है।

सिद्दीकी का पार्थिव शरीर 16 जुलाई को स्थानीय समयानुसार शाम 5 बजे इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) को सौंपा गया था। वह मुंबई के रहने वाले थे। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि दानिश जिस काफिले के साथ थे, उस पर तालिबान (Taliban) ने घात लगाकर हमला किया था।

पुलित्जर पुरस्कार विजेता पत्रकार

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