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'वे किसी और की सरकार लाना चाहते थे': क्या मोदी सरकार को हटाना चाहते थे बाइडेन? ट्रंप का सनसनीखेज दावा

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में वोटर टर्नआउट के लिए 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आवंटन के मकसद पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए हमें $21 मिलियन देने की क्या जरूरत है? मुझे लगता है बाइडेन किसी और की सरकार लाना चाहते थे। हमें यह बात भारत सरकार को बतानी होगी

Akhileshअपडेटेड Feb 20, 2025 पर 10:32 AM
'वे किसी और की सरकार लाना चाहते थे': क्या मोदी सरकार को हटाना चाहते थे बाइडेन? ट्रंप का सनसनीखेज दावा
Donald Trump: भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए जो बाइडेन की अगुवाई वाली सरकार की ओर से $21 मिलियन देने के मामले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐतराज जताया है

Donald Trump Big Claim: भारतीय चुनावों पर एक विस्फोटक दावा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (19 फरवरी) को एक बार फिर USAID के तहत भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर खर्च करने पर सवाल उठाया। उन्होंने आशंका व्यक्त की है पिछले बाइडेन प्रशासन द्वारा भारत में किसी और को निर्वाचित कराने की कोशिश चल रही थी। ट्रंप से पूछा गया कि क्या जो बाइडेन चाहते थे कि भारत में मोदी सरकार के बजाए कोई और सरकार आए? इस पर भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए बाइडेन सरकार की ओर से $21 मिलियन देने के मामले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐतराज जताया।

साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूछा, "भारत में वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए हमें $21 मिलियन (2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर) देने की क्या जरूरत है? मुझे लगता है वे किसी और की सरकार लाना चाहते थे। हमें यह बात भारत सरकार को बतानी ही थी।" ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि USAID के पैसे से भारत में किसी और को जिताने का प्रयास हो रहा था।

बाइडेन प्रशासन द्वारा भारतीय चुनावों में स्पष्ट हस्तक्षेप का संकेत देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार इस मामले को उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मोदी सरकार के साथ बातचीत करेगी। अरबपति एलॉन मस्क के नेतृत्व वाले DOGE (Department of Government Efficiency) ने 16 फरवरी को खुलासा किया था कि USAID के तहत भारत में वोटर टर्नआउट के नाम पर 21 मिलियन डॉलर आवंटित किए थे। इस खुलासे ने भारत की राजनीति में उथल-पुथल पैदा कर दी।

एलॉन मस्क के नेतृत्व में 16 फरवरी को DOGE ने उन सभी मदों की सूची बनाई जिन पर अमेरिकी करदाताओं के पैसे खर्च किए जाएंगे। इस सूची में भारत में मतदान के दौरान मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुदान भी शामिल था। DOGE ने बताया कि इन सभी मदों को रद्द कर दिया गया है।

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