Iran Hijab Law: सैकड़ों लोगों की मौत के बाद आखिरकार प्रदर्शनकारियों के आगे झुकी ईरान सरकार, दशकों पुराना हिजाब कानून बदलने को तैयार

Iran Hijab Row: अटॉर्नी जनरल ने कहा कि ईरान की संसद और न्यायपालिका हिजाब को जरूरी बनाने वाले कानून की समीक्षा कर रही है

अपडेटेड Dec 04, 2022 पर 2:18 PM
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Iran Hijab Row: 16 सितंबर को ईरान की 22 वर्षीय महसा अमीनी की मौत के बाद हिजाब का विरोध शुरू हुआ था

Iran Hijab Row: तीन महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद आखिरकार ईरान सरकार (Iranian Government) दशकों पुराने हिजाब कानून की समीक्षा करने को तैयार हो गई है। 16 सितंबर से ईरान में हिजाब के खिलाफ आए दिन प्रदर्शन (Iran Hijab Protests) हो रहे हैं। हिजाब को जबरन लागू कराए रखने के लिए ईरान सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। हिजाब के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग भी किया गया। हालांकि, अब ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों के आगे झुकती नजर आ रही है। सरकार अब हिजाब कानून (Hijab Law) पर विचार करने को तैयार हो गई है।

कानून में होगा बदलाव

समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, अटॉर्नी जनरल मोहम्मद जफर मोंटाजेरी (Mohammad Jafar Montazeri) ने कहा कि ईरान की संसद और न्यायपालिका हिजाब को जरूरी बनाने वाले कानून की समीक्षा कर रही है जिसमें महिलाओं को अपना सिर ढकने की अनिवार्यता होती है। वहीं, ISNA समाचार एजेंसी ने कहा कि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि दोनों निकायों (संसद और न्यायपालिका) की ओर से कानून में क्या संशोधन किया जा सकता है? इसी कानून के विरोध में तीन महीने से अधिक समय तक घातक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अब इसी विरोध को बढ़ते देख सरकार कानून में बदलाव कर सकती है।


कब शुरू हुआ प्रदर्शन?

ईरान में ये प्रदर्शन 22 वर्षीय युवती महसा अमीनी (Mahsa Amini) की 16 सितंबर को मौत के बाद शुरू हुए हैं। आरोप है कि महसा अमीनी ने 'हिजाब सही से नहीं पहना था' और इस वजह से नैतिक पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और पुलिस हिरासत में ही उनकी मौत हो गई थी। महसा के घरवालों का आरोप है कि पुलिस हिरासत में प्रताड़ना से महसा की मौत हुई थी।

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हालांकि, पुलिस और सरकार का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने के कारण महसा अमीनी की मौत हुई थी। लेकिन उनकी मौत के बाद हो रहे प्रदर्शनों में हजारों लोग सड़कों पर निकले हैं और ईरान में धर्मगुरुओं के खिलाफ मोर्चा संभाला है। प्रदर्शनकारियों ने अपने हिजाब जलाए और सरकार विरोधी नारे लगाए।

400 से अधिक लोगों की मौत

हिजाब के खिलाफ जारी इस प्रदर्शन में अब तक 400 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। प्रदर्शन की शुरुआत में पुलिस को गोली तक मारने का आदेश दे दिया गया था। इसके चलते 1,400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था जिनमें से कुछ पर तो मुकदमें भी दर्ज किए गए थे। अमीनी की मौत के बाद से न सिर्फ ईरान बल्कि दुनिया के हर हिस्‍से में बसी ईरानी महिला ने हिजाब को जलाना शुरू कर दिया। राजधानी तेहरान के उत्‍तर में जहां पर फैशन सबसे अहम है वहां पर इस प्रदर्शन को बड़े पैमाने पर देखा गया था।

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