ब्रिटेन में डिपोर्टेशन का इंतजार कर रहे माइग्रेंट्स को ब्रिटिश सरकार (UK Government) की ओर से संचालित डिटेंशन सेंटर में शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। यह बात एक ब्रिटिश जांच से सामने आई है। जांच की रिपोर्ट में कहा गया है कि किसी को भी 28 दिनों से अधिक समय तक ऐसी जेल जैसी स्थिति में न रखा जाए। जांच की चेयरवुमन केट ईव्स का कहना है कि लंदन के दक्षिण में गैटविक एयरपोर्ट के पास ब्रुक हाउस इमीग्रेशन रिमूवल सेंटर में माइग्रेंट्स को "शॉकिंग ट्रीटमेंट" सहना पड़ा। फैसिलिटी में स्टाफ का व्यवहार टॉक्सिक है और माइग्रेंट्स को नस्लवादी व अपमानजनक भाषा, अमानवीय टिप्पणियों और बल के अनुचित इस्तेमाल का सामना करना पड़ा। उनकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इन घटनाओं में सबसे गंभीर घटना हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की गर्दन पर दबाव डालना रही।
