उत्तर कोरिया के तानाशाह किम-जोंग उन (North Korean leader Kim Jong Un) मिसाइल परीक्षणों से बाज नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि किम जोंग उन जल्द ही फिर से परमाणु परीक्षण (Nuclear Test) करेंगे। वह कभी इसको लेकर आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। 2023 की वार्षिक थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट में कहा गया है कि किम अपने प्योंगयांग (Pyongyang) के मिसाइल परीक्षण को सामान्य करने के प्रयास में परमाणु सक्षम मिसाइलों को दागते रहेंगे।
उत्तर कोरिया 2006 के बाद से छह परमाणु परीक्षण कर चुका है। हर बार प्रत्येक विस्फोट की तीव्रता बढ़ती जा रही है। कोरिया ने आखिरी परमाणु परीक्षण 2017 में किया था। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया शायद अपने घोषित सैन्य आधुनिकीकरण लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक परमाणु उपकरण का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि किम-जोंग उन निश्चित रूप से परमाणु हथियारों और ICBM को अपने निरंकुश शासन के अंतिम गारंटर के रूप में देखते हैं। वह चाहते हैं कि उनके देश को परमाणु शक्ति के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति मिल जाए।
किम जोंग उन की बहन ने दी चेतावनी
किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग (Kim Yo Jong ) ने चेतावनी दी है कि उनका देश अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ बहुत जल्द कठोर कदम उठाने के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने दक्षिण कोरियाई युद्धक विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास के तहत कोरियाई प्रायद्वीप पर परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम B-52 बमवर्षक विमान उड़ाया था।
दोनों देशों की सेनाएं इस महीने के अंत में अपने सबसे बड़े क्षेत्र अभ्यास को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। किम यो जोंग ने अपने बयान में किसी भी नियोजित कार्रवाई के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यास के जवाब में अक्सर मिसाइलों का परीक्षण किया है क्योंकि वह उन्हें एक आक्रमण पूर्वाभ्यास के रूप में देखता है।
उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया के अनुसार, किम यो जोंग ने एक बयान में कहा कि हमारी नजरें अमेरिकी बलों और कठपुतली की तरह काम करने वाली दक्षिण कोरियाई सेना द्वारा बेचैनी में उठाए जाने वाले सैन्य कदमों पर लगातार बनी हुई हैं। हम अपनी समझ के अनुसार किसी भी समय सही, तेज और बहुत उग्र कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि दिखावे वाली सैन्य चालें और अमेरिका और दक्षिण कोरिया द्वारा सभी प्रकार की बयानबाजी, जो इतनी उग्र हैं कि उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। यह उनसे निपटने के लिए कुछ करने के लिए मजबूर करती हैं। पिछले महीने, अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया की ओर से परमाणु खतरों पर अपनी प्रतिक्रिया तेज करने के उद्देश्य से वाशिंगटन में एक अभ्यास आयोजित किया था।