कंगाल पाकिस्तान को एक और झटका! IMF ने बजटीय इस्टीमेंट्स में 2,000 अरब रुपये का पाया उल्लंघन

Pakistan Economic Crisis: IMF के शुरुआती आकलन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के बजटीय अनुमानों में 2,000 अरब रुपये से अधिक का उल्लंघन पाया गया है, जिसके चलते इस पाकिस्तान का बजट घाटा और बढ़ सकता है

अपडेटेड Jan 28, 2023 पर 9:05 PM
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पाकिस्तान के साथ अपनी महत्वपूर्ण वार्ता से पहले IMF ने इसके बजटीय इस्टीमेंट्स में 2,000 अरब रुपये का उल्लंघन पाया है

Pakistan Economic Crisis: नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पाकिस्तान के साथ अपनी महत्वपूर्ण बातचीत से पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने इसके बजटीय इस्टीमेंट्स (Budgetary Estimates) में 2,000 अरब रुपये का उल्लंघन पाया है। IMF के शुरुआती आकलन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 के बजटीय अनुमानों में 2,000 अरब रुपये से अधिक का उल्लंघन पाया गया है, जिसके चलते इस पाकिस्तान का बजट घाटा और बढ़ सकता है।

पाकिस्तान IMF के अधिकारी विस्तारित कोष सुविधा (Extended Fund Facility) के तहत 9वीं समीक्षा के लिए मंगलवार 31 दिसंबर से बातचीत शुरू करने वाले हैं। इस दौरान राजकोषीय फिसलन (Fiscal Slippages) और वित्तीय आंकड़ों का मिलान पर मुख्य रूप से चर्चा की जाएगी।

समीक्षा के बाद पाकिस्तान को धन की अगली किश्त जारी की जाएगी, जो सितंबर से ही लंबित पड़ा हुआ है। पाक सरकार ने 2022-23 के लिए बजट घोषणा की पूर्व-संध्या पर कहा था कि बजटीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.9 प्रतिशत पर रह सकता है। इसके साथ ही प्राथमिक घाटा जीडीपी के मुकाबले सकारात्मक 0.2 प्रतिशत रहने का अनुमान था।


पाकिस्तानी समाचारपत्र ‘द न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा है कि IMF ने पाकिस्तानी अधिकारियों से मिनी-बजट के जरिए 600 अरब रुपये के अतिरिक्त टैक्सेशन उपाय करने को कहा है। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि पाकिस्तानी अधिकारी इसके लिए बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं। उनकी दलील है कि प्राथमिक घाटा इस हद तक नहीं बढ़ेगा।

IMF ने दी थी चेतावनी

रिपोर्ट के मुताबिक, IMF ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजटीय अनुमानों में 2,000 अरब रुपये के उल्लंघन की पहचान करते हुए यह चेतावनी दी है कि प्राथमिक और बजट घाटा बड़े पैमाने पर बढ़ सकता है।

इस बीच समाचार पत्र ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में केवल 5.6 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज मिला है, जो सालाना बजट अनुमान का एक चौथाई हिस्सा है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक मामलों के मंत्रालय द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चला कि जुलाई से दिसंबर 2022 तक विदेश से मिला कर्ज केवल 5.6 अरब डॉलर था। यह राशि इस अवधि में चुकाए जाने वाले विदेशी कर्ज के बराबर भी नहीं है। ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार को गंभीर नुकसान हुआ।

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