Ukraine Russia War: रूस के खिलाफ लड़ाई में 20,000 विदेशी नागरिकों ने उठाए हथियार, यूक्रेन की सेना में हुए शामिल

कीव पोस्ट ने ट्विटर पर कहा, पहले उप आंतरिक मंत्री येवेन येनिन ने 9 मार्च को कहा कि अगर वे चाहते हैं, तो विदेशी वॉलंटियर्स को यूक्रेनी नागरिकता भी मिल सकती है।

अपडेटेड Mar 09, 2022 पर 2:08 PM
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रूस के खिलाफ लड़ाई में 20,000 विदेशी नागरिकों ने उठाए हथियार (FILE PHOTO)

Russia ukraine war: यूक्रेन के शीर्ष अंग्रेजी भाषा के न्यूज पेपर में से एक, कीव इंडिपेंडेंट के अनुसार, रूस की तरफ से किए जा रहे हमलों के खिलाफ वर्तमान में 20,000 विदेशी नागरिक यूक्रेन की सेना के साथ मिल कर लड़ रहे हैं। अखबार ने एक सरकारी मंत्री का हवाला देते हुए यह भी बताया कि विदेशी नागरिक, अगर वे चाहें, तो यूक्रेनी नागरिकता के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।

कीव पोस्ट ने ट्विटर पर कहा, "पहले उप आंतरिक मंत्री येवेन येनिन ने 9 मार्च को कहा कि अगर वे चाहते हैं, तो विदेशी वॉलंटियर्स को यूक्रेनी नागरिकता भी मिल सकती है। 6 मार्च से रूस से लड़ने के लिए बीस हजार विदेशी वॉलंटियर्स यूक्रेनी सेना में शामिल हुए हैं।"

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27 फरवरी को, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक 'अंतर्राष्ट्रीय ब्रिगेड' के गठन की घोषणा की, जिसके तहत पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र के लिए लड़ने के इच्छुक विदेशी नागरिक, अपने-अपने देशों में यूक्रेनी दूतावासों में जाकर साइन अप करने के लिए अपनी इच्छा से लड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।


तब से, जापान और भारत सहित कई दूसरे देशों के नागरिकों के अपनी इच्छा से यूक्रेन के लिए लड़ने की खबरें आई हैं।

रूस के खिलाफ लड़ने के लिए, जिसने 24 फरवरी को अपने पड़ोसी पर आक्रमण शुरू किया, ज़ेलेंस्की ने बार-बार संयुक्त राष्ट्र, साथ ही NATO और यूरोपीय संघ जैसे संगठनों से अपने देश को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

विश्व सरकारों ने इसके जवाब में यूक्रेन को वित्तीय और सैन्य सहायता दी है। इसके अलावा रूसी व्यापारियों, साथ ही साथ पुतिन और उनकी सरकार के सदस्यों के खिलाफ कई प्रतिबंध भी लगाए हैं।

यूक्रेन की सेना में शामिल हुआ भारतीय छात्र

केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियां ​​तमिलनाडु के कोयंबटूर के एक छात्र के यूक्रेनी अर्धसैनिक बलों में शामिल होने की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने खुलासा किया कि 21 साल का भारतीय युवक रूसी आक्रमण के खिलाफ लड़ने के लिए अर्धसैनिक बलों में शामिल हो गया है।

 जहां भारतीय छात्र युद्ध के कारण यूक्रेन से निकल आए थे, वहीं कोयंबटूर का मूल निवासी सैनिकेश रविचंद्रन यूक्रेनी सेना में शामिल होने के लिए तबाह देश में ही रुक गया था।

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