रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का आज (बुधवार) 14वां दिन है। रूस ने बुधवार के लिए यूक्रेन में सीजफायर का निर्देश दिया है। यह मॉस्को के समयानुसार बुधवार सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगा। इस बीच, दुनिया के कई देश यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों की मदद करने में असमर्थता व्यक्त कर दी है। हालांकि, युद्धग्रस्त यूक्रेन में भारतीय छात्रों को निकालने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन गंगा' के लिए भारत की जमकर प्रशंसा की जा रही है।
दरअसल, भारत ने न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है बल्कि अपने पड़ोसियों की भी मदद कर रहा है। एक नए वीडियो में पाकिस्तान की एक छात्रा कीव में भारतीय दूतावास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करती हुई दिख रही है।
पीएम मोदी और भारत को कहा शुक्रिया
पाकिस्तान की अस्मा शफीक ने कीव में भारतीय दूतावास और प्रधानमंत्री मोदी को उन्हें निकालने के लिए धन्यवाद दिया है। अस्मा शफीक को भारतीय अधिकारियों द्वारा बचाया गया, जो अभी यूक्रेन से बाहर निकालने के लिए पश्चिमी यूक्रेन के रास्ते में है।
नई एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा कि वह जल्द ही अपने परिवार से मिल जाएंगी। पाकिस्तानी लड़की ने बताया कि उसे यूक्रेन से सुरक्षित निकालने में भारतीय दूतावास ने मदद की। इस पाकिस्तानी लड़की ने खुद एक वीडियो शेयर करके इसकी जानकारी दी है।
वीडियो में लड़की कह रही है कि मेरा नाम अस्मा शफीक (Asma Shafique) है और मैं पाकिस्तान से हूं। मैं कीव के भारतीय दूतावास और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे यहां से बाहर निकालने में मदद की।
एएनआई के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने अस्मा को युद्धग्रस्त इलाके से सुरक्षित बाहर निकालकर उसे पश्चिमी यूक्रेन भेजने की व्यवस्था की है, ताकि वहां से वो अपने देश पाकिस्तान लौट सके। सूत्रों ने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले भारत अपने नागरिकों की मदद करने में हमेशा तत्पर रहा है।
चीन ने स्थगित की अपनी निकासी योजना, जबकि भारत का ऑपरेशन गंगा जारी
चीन ने अपनी निकासी योजनाओं को स्थगित कर दिया है, जबकि भारत का ऑपरेशन गंगा लगातार जारी है। भारत की उड़ानें यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लगातार वापस ला रही है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि अमेरिका ने भी कहा है कि वह अपने नागरिकों को निकालने में सक्षम नहीं है, जो अन्य पड़ोसी देशों के माध्यम से निकासी के लिए यूक्रेनी सीमा पर लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सूमी में फंसे 694 भारतीय छात्र रवाना
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन के सूमी शहर से भारतीय छात्रों को निकालना शुरू कर दिया गया है और छात्र बसों में सवार हो कर पोलतावा शहर के लिए रवाना हो गए हैं। पुरी ने पत्रकारों से कहा कि मैंने नियंत्रण कक्ष में बात की है, बीती रात तक सूमी में 694 भारतीय छात्र थे। वे सभी आज बसों से पोलतावा के लिए रवाना हो गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर बात की थी और सूमी से भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के तरीकों पर चर्चा की थी, जो पूर्वी यूरोपीय देश पर रूस के हमले के बाद वहां फंस गए हैं। भारत, अब तक युद्धग्रस्त यूक्रेन से अपने 17,100 से अधिक नागरिकों को वापस स्वेदश लाने में कामयाब रहा है।