Titancic दिखाने ले जा रहा Titan पांच दिन से लापता, आज भर की ही बची है ऑक्सीजन, ये दिक्कतें आ रही हैं खोजबीन में

TItan News: करीब 111 साल पहले गहरे डूब चुके टाइटेनिक (Titanic) का मलबा देखने गए पर्यटकों की एक पनडुब्बी को लापता हुए आज पांच दिन हो गए हैं। माना जा रहा है कि इसमें अब आज भर के लिए ही ऑक्सीजन बची हुई है। इन पर्यटकों की खोजबीन के लिए एक मल्टी-नेशनल सर्च टीम लगी हुई है लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा है

अपडेटेड Jun 22, 2023 पर 3:43 PM
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टाइटन में एक पायलट और चार पर्यटक सवार हैं। टाइटन के हर यात्री से 2.50 लाख डॉलर (205 करोड़ रुपये) की फीस लिया गया है।

करीब 111 साल पहले गहरे डूब चुके टाइटेनिक (Titanic) का मलबा देखने गए पर्यटकों की एक पनडुब्बी को लापता हुए आज पांच दिन हो गए हैं। माना जा रहा है कि इसमें अब आज भर के लिए ही ऑक्सीजन बची हुई है। इन पर्यटकों की खोजबीन के लिए एक मल्टी-नेशनल सर्च टीम लगी हुई है लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा है। मिनी वैन के आकार की यह पनडुब्बी 'टाइटन' अमेरिका की ओशनगेट एक्सपीडिशन्स (OceanGate Expeditions) की है। Titan ने पर्यटकों को लेकर रविवार को दोपहर 12 बजे ग्रीनविच टाइम (यहां के समय के हिसाब से शाम 5:30 बजे) उत्तरी अटलांटिंक के सुदूर कोने में जहां टाइटेनिक डूबा था, वहां उतरना शुरू किया था। हालांकि दो घंटे के बाद इसका सतह पर स्थित जहाज से संपर्क टूट गया और तब से कुछ पता नहीं चल पा रहा है।

कौन-कौन हैं इसमें सवार

टाइटन में एक पायलट और चार पर्यटक सवार हैं। टाइटन के हर यात्री से 2.50 लाख डॉलर (205 करोड़ रुपये) की फीस लिया गया है। इसमें 58 वर्षीय ब्रिटिश अरबपति हमिश हार्डिंग और पाकिस्तान मूल के ब्रिटिश कारोबारी 48 वर्षीय शहजादा दाऊद अपने 19 वर्षीय बेचे सुलेमान के साथ सवार हैं। इसके अलावा इसमें 77 वर्षीय फ्रांसीसी समुद्र विज्ञानी और टाइटेनिक एक्सपर्ट पॉल-हेनरी नार्जियोलेट और ओशनगेट के फाउंडर और सीईओ स्टॉकटनगेट भी सवार हैं।


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कहां हो रही है खोजबीन और अब तक क्या मिले हैं संकेत

कंपनी के मुताबिक इसमें 96 घंटे की ऑक्सीजन है यानी कि आज तक के लिए एयर सप्लाई मौजूद है। हालांकि एक्सपर्ट्स के मुताबिक एयर सप्लाई इस पर भी निर्भर करेगी कि पनडुब्बी में अब भी पावर है या नहीं और इसमें मौजूद पर्यटक किस स्थिति में हैं। यह पनडुब्बी कहां है, इसे लेकर कुछ पक्के तौर पर नहीं पता चला है, हालांकि इसे लेकर मंगलवार तक कुछ संकेत मिले हैं।

अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने बुधवार को जानकारी दी कि कनाडा के खोजी जहाजों ने सोनार विधि के जरिए समुद्र के अंदर कुछ आवाजें सुनी। ये आवाजें मंगलवार को भी सुनाई दी थी। अब इसके पास खोजबीन की जा रही है लेकिन कोस्ट गार्ड के कैप्चन जैमी फ्रेडरिक ने इसे लेकर भी आगाह किया है कि ये आवाजें टाइटन से ही आई हों, ये जरूरी नहीं।

टाइटन की खोजबीन के लिए फ्रांस की एक रिसर्च शिप अटलांटे ने बुधवार को एक रोबोट भेजा जो टाइटेनिक के मलबे से दो मील यानी (3 किमी से अधिक) और नीचे जाने में सक्षम है। इसे अमेरिकी नेवी के अनुरोध पर भेजा गया है। इसमें डूबे विमानों को ऊपर तक ले आने की क्षमता है।

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खोजबीन में कितनी है दिक्कतें

परेशान करने वाली बात ये है कि अगर पनडुब्बी किसी तरह बाहर आ जाता है तो इसे बड़े समुद्री सतह पर भी खोजना काफी मुश्किल है और यह इस तरह से बना हुआ है कि बाहर से बिना किसी मदद के इसे खोला भी नहीं जा सकता है। हालांकि टाइटेनिक एक्सपर्ट टिम माल्टिन के मुताबिक अगर यह समुद्र की अंदरुनी सतह पर है तो इसे खोजना और भी मुश्किल है क्योंकि यहां दबाव बहुत अधिक है और पूरी तरह घुप्प अंधेरा है। खास बात ये है कि करीब 5 साल पहले टाइटन की सेफ्टी पर सवाल एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए थे और ओशनगेट के पूर्व प्रमुख (मैरिन ऑपरेशन्स) ने केस भी दायर किया था। हालांकि बाद में इसका सेटलमेंट हो गया।

Titanic का मलबा देखने का क्रेज क्यों

टाइटेनिक ब्रिटिश जहाज था और यह अपने पहले ही सफर में 1912 में बर्फ के एक पहाड़ (आइसबर्ग) से टकराकर डूब गया। इसमें 1500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसका मलबा 12500 फीट (3810 मीटर) की गहराई पर स्थित है। वहीं सतह से दूरी की बात करें तो यह न्यूफांडलैंड के सेंट जॉन्स से 400 मील (644 किमी) दक्षिण और केप कॉड मैसाचुसेट्स से 900 मील (14548 किमी) दूर स्थित है।

टाइटेनिक का मलबा लगातार कम हो रहा है और इसकी एक वजह समुद्र में मौजूद बैक्टीरिया भी हैं जो लोहे को भी खा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मलबा 10-15 वर्षों में पूरी तरह खत्म हो सकता है। इस कारण टाइटेनिक का मलबा तेजी से अमीर पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि पर्यटकों के चलते भी मलबे पर असर दिख सकता है तो नवंबर 2019 में अमेरिका और ब्रिटेन ने एक संधि की कि ये देश किसी भी नई कंपनी को टाइटेनिक का मलबा दिखाने का लाइसेंस नहीं देंगे।

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