IMF : हिंसक प्रदर्शनों से भरे दिन के बाद अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने कहा कि वह श्रीलंका की राजनीतिक उथलपुथल (Sri Lanka political turmoil) का समाधान निकलने की उम्मीद कर रहा है। इससे श्रीलंका को बेलआउट पैकेज (bailout package) देने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
श्रीलंका में बिगड़ते जा रहे हैं हालात
एक अधिकारी ने कहा कि शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति के आवास और सेक्रेट्रियाट पर हजारों प्रदर्शनकारियों के बवाल के बाद अब बुधवार को गोताबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) पद से इस्तीफा दे देंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) के निजी आवास में भी आग लगा दी थी।
हालात में सुधार पर होगी बातचीत
IMF ने एक बयान में कहा, हम मौजूदा हालात का समाधान निकलने की उम्मीद करते हैं, जिससे एक आईएमएफ सपोर्टेड प्रोग्राम पर फिर से बातचीत शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
आईएमएफ की प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के साथ नीति-स्तर की एक दौर की वार्ता हो चुकी है। विक्रमसिंघे के पास वित्त मंत्रालय का भी प्रभार है। दोनों पक्षों के बीच कुछ वित्तीय मुद्दे हैं जिन्हें सुलझाया जाना है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में आईएमएफ के वरिष्ठ मिशन प्रमुख पीटर ब्रेयर और मिशन प्रमुख मासाहिरो नोजाकी ने रविवार को एक बयान में कहा कि हमारी श्रीलंका के घटनाक्रम पर नजर है।
जुलाई-अगस्त में आ सकता है अंतरिम बजट
‘इकनॉमी नेक्स्ट’ की रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ ने उम्मीद जताई है कि श्रीलंका के मौजूदा हालात जल्द सुधर जाएंगे। ‘‘हमारी वित्त मंत्रालय और श्रीलंका के केंद्रीय बैंक में अपने समकक्षों के साथ तकनीकी पहलुओं पर बातचीत की योजना है।’’ श्रीलंका में जुलाई या अगस्त में अंतरिम बजट भी लाया जाना है।
ब्रिटेन से 1948 को आजाद होने के बाद श्रीलंका अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा संकट से निपटने के लिए श्रीलंका को कम से कम चार अरब डॉलर की जरूरत है।