Income Tax Rule: इनकम टैक्स के नियमों में कई बदलाव हुए है जो कल यानी नए फाइनेंशियल ईयर से लागू हो जाएंगे। ये बदलाव 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किये थे। यहां आपको इनकम टैक्स से जुड़े 10 नियमों के बारे में बता रहे हैं, जो कल से लागू हो जाएंगे। अगर आप अगले वित्त वर्ष में अपना टैक्स बचाना चाहते हैं तो इन नियमों को जरूर जान लें। ताकि, नए फाइनेंशियल ईयर परेशानी न हो।
1. नये टैक्स रिजीम में हुए बदलाव - टैक्स छूट की सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया गया है।
2. अगर कोई व्यक्ति ये नहीं बताता है कि वह किस रिजीम के तहत अपना रिटर्न जमा करेगा, तो उस पर टैक्स नए टैक्स रिजी के तहत लगाया जाएगा। पुराने टैक्स सिस्टम के तहत टैक्स कटवाना चाहते हैं तो लोगों को इसका चुनाव करना होगा।
3. टैक्स स्लैब की दरों में बदलाव हो गया है। अब नये टैक्स स्लैब के तहत टैक्स रेट 0% से 30% तक है। सालाना वेतन 3 लाख रुपये तक पर टैक्स शून्य है। 3 लाख रुपये से 6 लाख रुपये की सैलरी पर 5 फीसदी, 6 लाख रुपये से 9 लाख रुपये की सैलरी पर 10 फीसदी, 9 लाख रुपये से 12 लाख रुपये की सैलरी पर 15 फीसदी, 12 लाख रुपये से 15 लाख रुपये की सैलरी पर 20 फीसदी और 15 लाख रुपये से ऊपर की सैलरी पर 30% की दर से टैक्स लगेगा।
4. स्टैंडर्ड डिडक्शन में पुरानी रिजीम के तहत 50,000 रुपये की कटौती में कोई बदलाव नहीं किया गया है। और इसे नई व्यवस्था में बढ़ा दिया गया है।
5. लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA) में कैश की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
6. अगर फिजिकल गोल्ड को इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रीसिप्ट (EGR) में बदला जाता है या EGR को फिजिकल गोल्ड में बदला जाता है तो इस पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं होगा।
7. डेट म्यूचुअल फंड में निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के बजाय शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा।
8. मार्केट लिंक्ड डिबेंचर (MLD) में निवेश को शॉर्ट टर्म कैपिटल एसेट माना जाएगा।
9. लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में 5 लाख रुपये के एनुअल प्रीमियम से अधिक होने पर इसपर होने वाली आय टैक्सेबल होगी।
10. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के तहत निवेश की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 15 लाख रुपये से 30 लाख रुपये कर दिया गया है।