नए लेबर कोड्स की घोषणा के बाद प्राइवेट सेक्टर के लाखों कर्मचारियों में यह उम्मीद जगी थी कि वर्कप्लेस बेनिफिट्स में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रावधान को लेकर हुई, जिसमें फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की नौकरी के बाद ग्रेच्युटी देने की बात कही गई थी।
